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जब उम्मीदों ने ओढ़ी मुस्कान की चादर: दरभंगा नगर निगम में...
नगर निगम का प्रांगण केवल एक नगर निकाय कार्यालय नहीं रहा, बल्कि वह एक भावनात्मक तीर्थक्षेत्र...
जब रामजानकी मंदिर बना शराब तस्करी के विरुद्ध रणभूमि, लहेरियासराय...
जहाँ मंदिरों की घंटियों से सुबह होती है और खेतों में हल चलाकर किसान सूरज को सलाम...
दरभंगा की सियासी फिजाओं में गिरा एक और पत्ता: अलीनगर से...
राजनीति में कब कौन गिर जाए, इसका अंदाज़ा लगाना उतना ही कठिन होता है जितना कि किसी...
दरभंगा की वो माँ, जो सिर्फ़ सब्ज़ी लेने निकली थी मगर लौटते...
कभी लूट हथियारों के बल पर होती थी, अब लूट मानसिकता के धारदार किनारों से की जाती...
एक सांसद का बेटा, एक गुमशुदा पहचान, और एक जिले की रात-दिन...
रविवार की वह सुबह सामान्य नहीं थी। दरभंगा की हवाओं में एक अजीब सी खामोशी थी। सियासत...
दरभंगा की ऐतिहासिक सुबह में माँ कांकली की चौखट पर नतमस्तक...
दरभंगा की सुबह में उस दिन कुछ अलग ही आभा थी। एक सादगीभरा, भावुक और आत्मीय क्षण जिसने...
खंडहर की दीवारों से उठती थी साजिश की साँसें, चाबी और चुप्पी...
एक ऐसा शहर जो किसी ज़माने में मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी कहलाता था, आज अपने शहरी...
कागज़ों के कब्रिस्तान और कंप्यूटरों की जमी धूल पर चलती...
जब सिस्टम के भीतर सन्नाटा पसरा हो, अपराध के आंकड़े बेहिसाब बढ़ते जाएं और थाने की...
जिन्होंने नहीं सुनी वो ‘धाँय!’, वे पढ़ें यह रिपोर्ट ताकि...
भरवाड़ा की वह शाम सामान्य नहीं थी। हल्की हवा बह रही थी, बाजार में चूड़ी की खनखनाहट...
मशाल जुलूस पर बरसी लाठियाँ, घायल कार्यकर्ता और मौन प्रशासन...
इतिहास की पगडंडियों से निकलती मिथिला की राजधानी दरभंगा आज फिर एक सवाल के घेरे में...
संजय सरावगी के संकल्प और नितिन नवीन की निगरानी में दरभंगा...
पटना की एक शांत सुबह। लेकिन उस सुबह की एक मीटिंग ने दरभंगा के निवासियों के जीवन...
हे राम! उस रात दरभंगा के कमतौल में क्या बीता उस अबला माँ...
पांच जून की वह शाम न केवल एक स्त्री की आत्मा के लिए अंत का आरंभ थी, बल्कि बिहार...
जब विदाई की तालियों में भीग गईं आंखें और सूटकेस में सिमट...
मिथिला की ऐतिहासिक धरती, जहां हर मोड़ पर इतिहास सांस लेता है, जहां सरोवरों में जल...
जब दरभंगा की सड़कों पर बहनों के आँसू अंगार बने, लाठी के...
कभी शांति और संस्कृति की नगरी रही दरभंगा, अब धीरे-धीरे आंदोलनों की आग में तप रही...
स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में फर्जी एडीआरएम की गूंज:...
देश की इस धड़कती रेल व्यवस्था में हर रोज़ लाखों लोग चढ़ते हैं, उतरते हैं, मंज़िल...
शहीद को श्रद्धांजलि और डीएम की खोज: जब दरभंगा के मंच पर...
दरभंगा का ऐतिहासिक नेहरू स्टेडियम। मौका था, शहीद सूरज नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर...