बिहार में अनकंट्रोल हुआ क्राइम! अररिया में सुबह- सुबह पत्रकार को घर से बाहर बुलाकर मारी गोली, मौके पर ही मौत, दो दिन पहले थानाध्यक्ष की भी पशु तस्कर ने की थी हत्या

अररिया के रानीगंज के एक दैनिक अखबार के रिपोर्टर विमल कुमार यादव की आज सुबह बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाशों ने सुबह सुबह उनके घर का दरवाजा खटखटाया और आवाज देकर बाहर बुलाया और ज्यों ही वह घर का दरवाजा खोला, बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी. पढ़ें पूरी खबर.....

बिहार में अनकंट्रोल हुआ क्राइम! अररिया में सुबह- सुबह पत्रकार को घर से बाहर बुलाकर मारी गोली, मौके पर ही मौत, दो दिन पहले थानाध्यक्ष की भी पशु तस्कर ने की थी हत्या

ARARIA : अररिया के रानीगंज के एक दैनिक अखबार के रिपोर्टर विमल कुमार यादव की आज सुबह बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी।बदमाशों ने सुबह सुबह उनके घर का दरवाजा खटखटाया और आवाज देकर बाहर बुलाया और ज्यों ही वह घर का दरवाजा खोला,बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी।

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घटना रानीगंज थाना क्षेत्र बेलसरा के हीरो शोरूम के पीछे स्थित घर का है।इससे दो साल पहले इनके सरपंच भाई की इसी तरह बदमाशों ने हत्या कर दी थी।जिसमे वह मुख्य गवाह था और ऐसी आशंका जताई जा रही है कि मुख्य गवाह होने के कारण बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी। कारण बदमाशों द्वारा कई बार गवाही नहीं देने से रोका था,बावजूद इसके कोर्ट में चल रहे ट्रायल के दौरान इन्होने अपने भाई के हत्यारे के खिलाफ गवाही दी थी।

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जिला पत्रकार संघ के अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने इस घटना की निंदा करते हुए बताया कि कहीं न कहीं कमजोर कानून व्यवस्था को बताता है। निश्चित रूप से बिहार में अपराध को लेकर जो बातें हो रही है, वह इन घटनाओं से सही साबित होती नजर आ रही है। उन्होंने घटना को हृदय विदारक बताते हुए कहा कि पुलिस इस मामले में जल्द कार्रवाई करे। अगर ऐसा नहीं होता है तो यह घटना विकराल रूप ले सकती है।

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शव को पोस्टमार्टम के लिए अररिया सदर अस्पताल लाया गया है और विमल कुमार यादव अपने पीछे एक बेटा और एक बेटी और पत्नी को छोड़ गया है।घटना के बाद से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।

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कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

शुक्रवार सुबह जिस तरह से पत्रकार की हत्या हुई है। उसके बाद एक बार फिर से कानून व्यवस्था पर सवाल उठ गए हैं। बिहार के मुख्यमंत्री अपनी सरकार को बचाने में लगे हैं और यहां लगातार न सिर्फ आम लोगों को अपराधी मार रहे हैं, बल्कि अब पुलिस और पत्रकारों को भी निशाना बनायाजा रहा है। तीन दिन पहले समस्तीपुर में एक एसएचओ की हत्या हुई है। अब एक पत्रकार की जान ले ली गई।