Tag: BIHAR NEWS
केवटी थाना फिर विवादों के घेरे में रिश्वतखोरी का वीडियो...
दरभंगा की हवा में इन दिनों एक ही सिसकारी तैर रही है न्याय की चौखट पर नोटों की सरसराहट।...
इस जन्म में नहीं करूंगी विवाह, बिहार ही है मेरा परिवार":...
इस जन्म में शादी नहीं करूंगी... बिहार के बच्चों का भविष्य संवारने के लिए खुद का...
जब एक अफसर ने प्रशासन को प्रणाम कर लोकतंत्र की अदालत में...
पटना की गर्म हवाओं में इन दिनों एक ऐसा नाम तैर रहा है जिसने सत्ता, नीति और प्रशासन...
जब प्रेम चंद प्रसाद के मौन से उठी गूंज सचिवालय तक सिंहवाड़ा...
यह कोई मामूली स्वास्थ्य विभागीय फेरबदल नहीं है। यह उस सत्ता-संरक्षित चुप्पी का पर्दाफाश...
दरभंगा के खरथुआ गांव में रात 11 बजे गोलियों की गूंज से...
दरभंगा की गर्म और अपेक्षाकृत शांत मानी जाने वाली रातों में एक रात ऐसी भी आई, जो...
माँ श्यामा की परछाईं में संकल्पों की आरती: दरभंगा गौशाला...
दरभंगा की धरती पर फिर एक बार धर्म, संस्कृति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला।...
जब दरभंगा की धूल भरी गलियों में कांपती वृद्ध हथेलियों की...
प्रमंडल की गलियों में कई घर ऐसे हैं, जहाँ खाँसी की आवाज़ किसी की पुकार बन चुकी थी।...
जब फेसबुक ने छीना राजू कुमार का सपना और दरभंगा साइबर थाना...
वक़्त बदल रहा है, और बदलते वक़्त के साथ ठगों की चालें भी बदल रही हैं। अब लाठी और...
सिर्फ यात्रा नहीं, एक प्रशासनिक अनुष्ठान मुख्यमंत्री नीतीश...
शहर की हवाओं में कुछ खास है आजकल। जैसे किसी मेहमान के इंतज़ार में घर का आंगन बुहारा...
राजीव रौशन की सादगी, सौम्यता और सेवा का जब समापन हुआ, तो...
कुछ विदाईयाँ इतिहास नहीं, एहसास बन जाती हैं। कुछ आगमन उम्मीद नहीं, दायित्व बनकर...
जिस सुबह शिक्षक की लाश निस्ता की सड़क पर गिरी थी, उसी दिन...
जिस धरती पर शिक्षक को ईश्वर का रूप माना जाता है, उसी पवित्र भूमि की रगों में 28...
दरभंगा में माँ भगवती मंदिर के गर्भगृह में घुसकर सात पिंड...
वह नगरी, जिसे मिथिला की आत्मा कहा जाता है। वह भूमि, जहाँ सुबहें मंत्रों की गूंज...
क्या दरभंगा मेडिकल कॉलेज अब भगवान भरोसे चल रहा है? जब बापू...
बापू आज फिर रोए होंगे। देश की आज़ादी के लिए जिसने लाठियां खाईं, उस महापुरुष की प्रतिमा...
दरभंगा में अपराध के खिलाफ बड़ा एक्शन: कोर्ट ने 11 अभियुक्तों...
जब देश की लोकतांत्रिक आत्मा अपनी असली चेतना में जागती है, तो न्यायालयों की कुर्सियों...
जब दरभंगा के यातायात थाने की बंद अलमारियों में काँपने लगे...
यह कोई साधारण दिन नहीं था। यह वह दिन था, जब दरभंगा के यातायात थाना की दीवारें चुपचाप...
जनप्रतिनिधि जब जनहित को भूलकर बन गया भय का प्रतीक, और अदालत...
दरभंगा, मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी और अब एक बार फिर से न्याय की जननी बनकर देशभर...