Tag: MITHILA JAN JAN KI AAWAJ

दरभंगा
दरभंगा की वो माँ, जो सिर्फ़ सब्ज़ी लेने निकली थी मगर लौटते वक्त उसकी गोदी में भरोसे की लाश थी: लहेरियासराय के बेलवागंज की सावित्री देवी से 'प्रणाम' कहकर छल करने वालों पर 'मिथिला जन जन की आवाज' की रिपोर्ट ने खोले शहर में मासूमियत को निगलती चालबाज़ी के राज़

दरभंगा की वो माँ, जो सिर्फ़ सब्ज़ी लेने निकली थी मगर लौटते...

कभी लूट हथियारों के बल पर होती थी, अब लूट मानसिकता के धारदार किनारों से की जाती...

दरभंगा
जब अपहरण हुआ और फिरौती मांगी गई, तब कोतवाली थाना बना मिशन हेडक्वार्टर थानाध्यक्ष राहुल के शौर्य और आशिष कुमार की लेखनी ने रच दिया इतिहास

जब अपहरण हुआ और फिरौती मांगी गई, तब कोतवाली थाना बना मिशन...

6 जून की रात दरभंगा में दो मेहनतकश गैस पाइप श्रमिकों का अपहरण एक ऐसी घटना जिसने...

दरभंगा
जब जेल की दीवारों से रिसा लहू और न्याय घुटता रहा ताले में बंद: कमलेश यादव की गला रेत हत्या पर 'मिथिला जन जन की आवाज़' की रिपोर्ट ने उघाड़ा दरभंगा जेल के भीतर का खूनी षड्यंत्र, बंसल की चाकू जैसी सोच और सिस्टम की सड़ी चुप्पी पर पड़ा कलम का हथौड़ा

जब जेल की दीवारों से रिसा लहू और न्याय घुटता रहा ताले में...

यह कोई सामान्य अपराध कथा नहीं है। यह उस मानसिकता की बानगी है, जहाँ अधिकार, अहंकार...

दरभंगा
एक सांसद का बेटा, एक गुमशुदा पहचान, और एक जिले की रात-दिन एक करती पुलिस जब SDPO अमित कुमार और ‘मिथिला जन जन की आवाज’ ने मिलकर लिखा एक वापसी का महाकाव्य!

एक सांसद का बेटा, एक गुमशुदा पहचान, और एक जिले की रात-दिन...

रविवार की वह सुबह सामान्य नहीं थी। दरभंगा की हवाओं में एक अजीब सी खामोशी थी। सियासत...

मधुबनी
जब मधुबनी के भाजपा सांसद अशोक कुमार यादव के बेटे विभूति यादव ही दरभंगा के बंगाली टोला से रहस्यमयी ढंग से लापता हो जाएं, तो क्या अब भी कोई कह सकता है कि बिहार सुरक्षित है? यह सिर्फ एक गुमशुदगी नहीं, बल्कि लोकतंत्र की नींव हिला देने वाली ख़ामोशी है... ‘मिथिला जन जन की आवाज़’ की विशेष खोजपरक पड़ताल से उठते वे सवाल जो सत्ता की चुप्पी को चीर रहे हैं!

जब मधुबनी के भाजपा सांसद अशोक कुमार यादव के बेटे विभूति...

दरभंगा का बंगाली टोला उस शाम कुछ ज़्यादा ही चुप था। आम दिनों में जहां बच्चों की...

दरभंगा
दरभंगा की ऐतिहासिक सुबह में माँ कांकली की चौखट पर नतमस्तक हुए जिलाधिकारी कौशल कुमार राज परिसर की पवित्र हवाओं में श्रद्धा, शालीनता और प्रशासनिक संवेदना का अद्भुत संगम

दरभंगा की ऐतिहासिक सुबह में माँ कांकली की चौखट पर नतमस्तक...

दरभंगा की सुबह में उस दिन कुछ अलग ही आभा थी। एक सादगीभरा, भावुक और आत्मीय क्षण जिसने...

दरभंगा
दरभंगा की रात जब जगी बाघमोड़ से घनश्यामपुर थाने तक पसीना बहाती वर्दियों की बूटध्वनि, SSP-SP की सीधी कमान और SHO सुधीर-अजीत की चौकसी में जाग उठा अपराधमुक्त शहर का सपना!

दरभंगा की रात जब जगी बाघमोड़ से घनश्यामपुर थाने तक पसीना...

मिथिला की आत्मा को समेटे एक नगर जहाँ चाँदनी भी इतिहास के कपोलों पर उतरती है और जहाँ...

दरभंगा
14 जून की वो घड़ी जब दरभंगा के बाघमोड़ बना दरभंगा पुलिस की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक जहाँ SHO सुधीर ने मोर्चा संभाला और SSP-SP की उपस्थिति में चलाया गया अपराधियों के विरुद्ध कड़ा समकालीन अभियान!

14 जून की वो घड़ी जब दरभंगा के बाघमोड़ बना दरभंगा पुलिस...

दरभंगा शहर की नब्ज़ को अगर किसी ने करीब से थामा है, तो वह है पुलिस की वो रात जो...

दरभंगा
खंडहर की दीवारों से उठती थी साजिश की साँसें, चाबी और चुप्पी के बीच पलता था बाइक चोरों का अंधकार दरभंगा पुलिस की SIT ने जिस अंतरजिला गिरोह को धूल चटाई, उसकी हर चाल, हर गिरफ्तारी, और हर रहस्य की तह तक की सघन पड़ताल इस पूरी रिपोर्ट में पढ़ें!

खंडहर की दीवारों से उठती थी साजिश की साँसें, चाबी और चुप्पी...

एक ऐसा शहर जो किसी ज़माने में मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी कहलाता था, आज अपने शहरी...

दरभंगा
कागज़ों के कब्रिस्तान और कंप्यूटरों की जमी धूल पर चलती पड़ी कप्तानी नजर : दरभंगा साइबर थाना में जब अचानक पहुंचे एसएसपी तो सन्नाटा बोल उठा 'सर, सब ठीक है!

कागज़ों के कब्रिस्तान और कंप्यूटरों की जमी धूल पर चलती...

जब सिस्टम के भीतर सन्नाटा पसरा हो, अपराध के आंकड़े बेहिसाब बढ़ते जाएं और थाने की...

दरभंगा
जिन्होंने नहीं सुनी वो ‘धाँय!’, वे पढ़ें यह रिपोर्ट ताकि जान सकें कि एक आवाज़ कैसे बदल देती है ज़िंदगियाँ

जिन्होंने नहीं सुनी वो ‘धाँय!’, वे पढ़ें यह रिपोर्ट ताकि...

भरवाड़ा की वह शाम सामान्य नहीं थी। हल्की हवा बह रही थी, बाजार में चूड़ी की खनखनाहट...

दरभंगा
जब दरभंगा की सड़कों पर कानून की परिभाषा खुद चलती मिली: वरीय पुलिस अधीक्षक ने रात के अंधेरों से बात की, थानों के रजिस्टरों में उतरकर सच को टटोला, और उस हर कोने में पहुंचा जहां असमाजिक तत्व सोचते थे कि कोई देख नहीं रहा एक रात्रि गश्ती, जो सिर्फ औचक नहीं, एक चेतना थी

जब दरभंगा की सड़कों पर कानून की परिभाषा खुद चलती मिली:...

यह दरभंगा की वही रात थी वही चांद, वही सड़कें, वही बिजली के खंभों पर थरथराते बल्ब,...

दरभंगा
मशाल जुलूस पर बरसी लाठियाँ, घायल कार्यकर्ता और मौन प्रशासन विजय सिन्हा की 48 घंटे की घड़ी अब टिक-टिक कर रही है: दरभंगा के डीएम कौशल कुमार और एसएसपी रेड्डी पर सवालों की बौछार!

मशाल जुलूस पर बरसी लाठियाँ, घायल कार्यकर्ता और मौन प्रशासन...

इतिहास की पगडंडियों से निकलती मिथिला की राजधानी दरभंगा आज फिर एक सवाल के घेरे में...

दरभंगा
संजय सरावगी के संकल्प और नितिन नवीन की निगरानी में दरभंगा को जाम से मुक्ति की दिशा: दोनार आरओबी से लेकर दिल्ली मोड़ तक एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण की राह पर 1868.87 करोड़ की ऐतिहासिक स्वीकृति

संजय सरावगी के संकल्प और नितिन नवीन की निगरानी में दरभंगा...

पटना की एक शांत सुबह। लेकिन उस सुबह की एक मीटिंग ने दरभंगा के निवासियों के जीवन...

दरभंगा
हे राम! उस रात दरभंगा के कमतौल में क्या बीता उस अबला माँ पर जब आम के बगान में पिस्तौल की नोक पर नोंच ली गई अस्मिता, चीखें टकराईं अमावस से, और हमारी विशेष रिपोर्ट से हिली संवेदनशील पुलिस महकमा; SSP जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी और SDPO ज्योति कुमारी की तत्परता से चार दरिंदे सलाखों के पीछे, दो अब भी फरार!

हे राम! उस रात दरभंगा के कमतौल में क्या बीता उस अबला माँ...

पांच जून की वह शाम न केवल एक स्त्री की आत्मा के लिए अंत का आरंभ थी, बल्कि बिहार...

बिहार
दरभंगा के टावर चौक पर दिनदहाड़े ₹3.81 लाख की लूट: सेंट्रल बैंक की दहलीज़ पर छलनी हुई सुरक्षा, जैन फार्मा के कर्मचारी से हुई नृशंस छिनैती और ‘मिथिला जन जन की आवाज़’ की इस विशेष रिपोर्ट ने खोली पुलिसिया दावों की परतें

दरभंगा के टावर चौक पर दिनदहाड़े ₹3.81 लाख की लूट: सेंट्रल...

बिहार का एक ऐतिहासिक शहर, जो अपनी सांस्कृतिक विरासत और मिथिला की कला के लिए जाना...