Tag: DARBHANGA POLICE

दरभंगा
हे लोकतंत्र! तू अब थाने में कैद है दरभंगा डीएमसीएच की सड़ी हुई सेहत, कुढ़नी की दलित बच्ची की लाश, और स्वास्थ्य मंत्री के मौन पर युवाओं की चीख को पुलिस ने पांच घंटे तक घोंटा, फिर पीआर बाउंड की बेड़ियों में बांध दिया, पढ़ें इस रिपोर्ट को जो न किसी मंत्री की चाटुकार है, न किसी दल की दलाल सिर्फ़ उस जनता की आवाज़ है जिसे अस्पताल से ज़्यादा अब रिपोर्ट पढ़ने की ज़रूरत है!

हे लोकतंत्र! तू अब थाने में कैद है दरभंगा डीएमसीएच की सड़ी...

जब सत्ता के गलियारों में मंत्रियों के काफिले सरपट दौड़ते हैं, तब लोकतंत्र अक्सर किनारे...

दरभंगा
हे ईश्वर! मृत्यु और जीवन का विधान तो तेरे ही हाथ था... पर दरभंगा में एक कलियुगी पुत्र ने तेरे सिंहासन को लांघ लिया बाप को ज़िंदा रहते मरा घोषित कर दिया, माँ भी इस षड्यंत्र में सहभागी बनी, और जब न्याय अंधा होने को था, तभी जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कलम उठाई और इस पापाचार को बेनक़ाब कर दिया! पढ़िए हमारी यह रौंगटे खड़ी कर देने वाली रिपोर्ट जहाँ बेटा बना यमराज और माँ बनी मृत्यु की दाई!

हे ईश्वर! मृत्यु और जीवन का विधान तो तेरे ही हाथ था......

जब खून अपना रिश्ता भूल जाए, जब लालच रिश्तों से बड़ा हो जाए… तब बाप के साँस लेने...

दरभंगा
दरभंगा पुलिस प्रशासन में वर्दियों का नवगठित संवाद... जब कुशेश्वरस्थान, बहेड़ा, तिलकेश्वर और बिरौल की चौखट पर बदल गई नेतृत्व की तस्वीर प्रशासनिक पुनर्संयोजन के इस अध्याय को पढ़िए हमारे विशेष रिपोर्ट में, और कौन कहां भेजे गए हैं इस नई जिम्मेदारी के साथ...

दरभंगा पुलिस प्रशासन में वर्दियों का नवगठित संवाद... जब...

24 जून 2025 को दरभंगा पुलिस अधीक्षक कार्यालय से एक प्रेस विज्ञप्ति ने जिले की पुलिस...

दरभंगा
जब अनुसंधान बना मज़ाक, न्याय पड़ा मौन और बहेड़ा थानाध्यक्ष चंद्रकांत गौरी ने थाने को बना दिया प्रशासकीय उपेक्षा का कुरुक्षेत्र: पढ़िए हमारी इस कलम की वह कठोर पड़ताल जो बेनकाब करती है अपराध से ज़्यादा अपराध पर चुप्पी साधे व्यवस्था को!

जब अनुसंधान बना मज़ाक, न्याय पड़ा मौन और बहेड़ा थानाध्यक्ष...

कभी अपराध का पर्याय रहा बहेड़ा इलाका आज फिर सुर्खियों में है। पर इस बार सुर्ख़ियों...

दरभंगा
बड़ी वारदात: जब 15 डकैतों ने बेलही की रात को लहू में डुबो दिया मासूमों की चीखें खामोश कर दी गईं, औरतों के गहनों से इंसानियत लूट ली गई, और दरभंगा पुलिस फिर सिर्फ़ मुआयना करती रह गई 'मिथिला जन जन की आवाज' की विशेष रिपोर्ट में उजागर हुआ एक डकैती का वह सच, जो कानून की नींद उड़ा दे

बड़ी वारदात: जब 15 डकैतों ने बेलही की रात को लहू में डुबो...

बिहार की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा में बीती शनिवार की रात को घटी एक सनसनीखेज वारदात...

दरभंगा
जब रामजानकी मंदिर बना शराब तस्करी के विरुद्ध रणभूमि, लहेरियासराय थानाध्यक्ष अमित कुमार के आदेश से उठी एक चेतना, काली स्कॉर्पियों की साँसे रुकीं, और दरभंगा की सड़कों पर कानून की लाठी ने नशे की गूंज को किया खामोश अब जो आएगा शराब लेकर, सीधा जेल की खिचड़ी ही उसका स्वागत करेगी!

जब रामजानकी मंदिर बना शराब तस्करी के विरुद्ध रणभूमि, लहेरियासराय...

जहाँ मंदिरों की घंटियों से सुबह होती है और खेतों में हल चलाकर किसान सूरज को सलाम...

दरभंगा
जब कानून की चौखट पर वकील ही कटघरे में खड़ा हुआ: दरभंगा कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता अम्बर इमाम हाशमी की गिरफ्तारी पर गूंजा विद्रोह, न्यायिक गरिमा बनाम बार की अस्मिता पर उठे सवाल और वही रिपोर्ट जिसने दरभंगा की दीवारों को हिला दिया

जब कानून की चौखट पर वकील ही कटघरे में खड़ा हुआ: दरभंगा...

दरभंगा की ऐतिहासिक न्यायभूमि ने बहुत से हाई-प्रोफाइल मुकदमों को देखा, सुना और सहा...

दरभंगा
दरभंगा के जमालपुर थाने में जब फरियाद बना अपराध दिव्यांग सगीर की हिम्मत को रौंदते हुए दारोगा सूर्यबली यादव ने दिखाई खाकी की हैवानियत… न्याय की तलाश में पहुँचा एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी के दरबार!

दरभंगा के जमालपुर थाने में जब फरियाद बना अपराध दिव्यांग...

दरभंगा के जमालपुर थाने से निकली एक घटना आज पूरे पुलिस महकमे के चेहरे पर सवाल खड़े...

दरभंगा
लहेरियासराय की गलियों में घूमता था जो बेखौफ़... वही ललन साह पुणे के खौफ़ का राजा निकला! अलंकार ज्वेलर्स लूटकांड की मेरी रिपोर्ट ने जो कहा था, वो सच निकला!

लहेरियासराय की गलियों में घूमता था जो बेखौफ़... वही ललन...

वर्ष 2020। महामारी की उथल-पुथल के बीच एक खबर ने दरभंगा की शांत दीवारों को चीर डाला...

दरभंगा
दरभंगा की वो माँ, जो सिर्फ़ सब्ज़ी लेने निकली थी मगर लौटते वक्त उसकी गोदी में भरोसे की लाश थी: लहेरियासराय के बेलवागंज की सावित्री देवी से 'प्रणाम' कहकर छल करने वालों पर 'मिथिला जन जन की आवाज' की रिपोर्ट ने खोले शहर में मासूमियत को निगलती चालबाज़ी के राज़

दरभंगा की वो माँ, जो सिर्फ़ सब्ज़ी लेने निकली थी मगर लौटते...

कभी लूट हथियारों के बल पर होती थी, अब लूट मानसिकता के धारदार किनारों से की जाती...

दरभंगा
जब अपहरण हुआ और फिरौती मांगी गई, तब कोतवाली थाना बना मिशन हेडक्वार्टर थानाध्यक्ष राहुल के शौर्य और आशिष कुमार की लेखनी ने रच दिया इतिहास

जब अपहरण हुआ और फिरौती मांगी गई, तब कोतवाली थाना बना मिशन...

6 जून की रात दरभंगा में दो मेहनतकश गैस पाइप श्रमिकों का अपहरण एक ऐसी घटना जिसने...

दरभंगा
जब जेल की दीवारों से रिसा लहू और न्याय घुटता रहा ताले में बंद: कमलेश यादव की गला रेत हत्या पर 'मिथिला जन जन की आवाज़' की रिपोर्ट ने उघाड़ा दरभंगा जेल के भीतर का खूनी षड्यंत्र, बंसल की चाकू जैसी सोच और सिस्टम की सड़ी चुप्पी पर पड़ा कलम का हथौड़ा

जब जेल की दीवारों से रिसा लहू और न्याय घुटता रहा ताले में...

यह कोई सामान्य अपराध कथा नहीं है। यह उस मानसिकता की बानगी है, जहाँ अधिकार, अहंकार...

दरभंगा
एक सांसद का बेटा, एक गुमशुदा पहचान, और एक जिले की रात-दिन एक करती पुलिस जब SDPO अमित कुमार और ‘मिथिला जन जन की आवाज’ ने मिलकर लिखा एक वापसी का महाकाव्य!

एक सांसद का बेटा, एक गुमशुदा पहचान, और एक जिले की रात-दिन...

रविवार की वह सुबह सामान्य नहीं थी। दरभंगा की हवाओं में एक अजीब सी खामोशी थी। सियासत...

दरभंगा
दरभंगा की रात जब जगी बाघमोड़ से घनश्यामपुर थाने तक पसीना बहाती वर्दियों की बूटध्वनि, SSP-SP की सीधी कमान और SHO सुधीर-अजीत की चौकसी में जाग उठा अपराधमुक्त शहर का सपना!

दरभंगा की रात जब जगी बाघमोड़ से घनश्यामपुर थाने तक पसीना...

मिथिला की आत्मा को समेटे एक नगर जहाँ चाँदनी भी इतिहास के कपोलों पर उतरती है और जहाँ...

दरभंगा
14 जून की वो घड़ी जब दरभंगा के बाघमोड़ बना दरभंगा पुलिस की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक जहाँ SHO सुधीर ने मोर्चा संभाला और SSP-SP की उपस्थिति में चलाया गया अपराधियों के विरुद्ध कड़ा समकालीन अभियान!

14 जून की वो घड़ी जब दरभंगा के बाघमोड़ बना दरभंगा पुलिस...

दरभंगा शहर की नब्ज़ को अगर किसी ने करीब से थामा है, तो वह है पुलिस की वो रात जो...

दरभंगा
खंडहर की दीवारों से उठती थी साजिश की साँसें, चाबी और चुप्पी के बीच पलता था बाइक चोरों का अंधकार दरभंगा पुलिस की SIT ने जिस अंतरजिला गिरोह को धूल चटाई, उसकी हर चाल, हर गिरफ्तारी, और हर रहस्य की तह तक की सघन पड़ताल इस पूरी रिपोर्ट में पढ़ें!

खंडहर की दीवारों से उठती थी साजिश की साँसें, चाबी और चुप्पी...

एक ऐसा शहर जो किसी ज़माने में मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी कहलाता था, आज अपने शहरी...