मिथिला जन जन की आवाज

मिथिला जन जन की आवाज

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मिथिला जन जन की आवाज सत्य, साहस और जनविश्वास का वह सशक्त डिजिटल मंच है, जहाँ हर समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज की धड़कनों का प्रामाणिक प्रतिबिंब बनकर आपके समक्ष प्रस्तुत होता है। हमारी प्रतिबद्धता निष्पक्ष, निर्भीक, तथ्यपरक और जनोन्मुख पत्रकारिता के प्रति है। राजनीति, अपराध, शिक्षा, प्रशासन, संस्कृति, खेल और जनसरोकार से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण विषय पर हमारी पैनी दृष्टि रहती है। हम सनसनी नहीं, सत्य; अफवाह नहीं, प्रमाण; और पक्षपात नहीं, निष्पक्षता को अपनी पहचान मानते हैं। प्रत्येक खबर गहन पड़ताल, विश्वसनीय तथ्यों और नैतिक पत्रकारिता के मानकों पर आधारित होती है। आपका विश्वास हमारी सबसे बड़ी शक्ति, आपकी सहभागिता हमारी प्रेरणा और जनहित हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मिथिला जन जन की आवाज़ केवल समाचार नहीं, बल्कि समाज की चेतना, लोकतंत्र की सजग अभिव्यक्ति और हर आम नागरिक की बुलंद आवाज है।

Member since Aug 2, 2022 ashishmithilakiaawaj@gmail.com

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दरभंगा
जब फेसबुक ने छीना राजू कुमार का सपना और दरभंगा साइबर थाना बना उम्मीद की आख़िरी डोर: ₹8.5 लाख की साइबर ठगी के बाद न्यायालय के आदेश पर ₹2.83 लाख की राशि हुई वापस, शेष की वापसी प्रक्रिया में

जब फेसबुक ने छीना राजू कुमार का सपना और दरभंगा साइबर थाना...

वक़्त बदल रहा है, और बदलते वक़्त के साथ ठगों की चालें भी बदल रही हैं। अब लाठी और...

दरभंगा
दरभंगा पुलिस की रैतिक परेड में अनुशासन की लय, नेतृत्व की गरिमा और वर्दी की विश्वसनीयता SSP-SP की संयुक्त उपस्थिति बनी प्रेरणा, ‘मिथिला जन जन की आवाज़’ पर आशिष कुमार की विशेष विश्लेषणात्मक रिपोर्ट, सोशल मीडिया कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी पर आधारित

दरभंगा पुलिस की रैतिक परेड में अनुशासन की लय, नेतृत्व की...

सुबह की हल्की धूप, जून की नमी भरी हवा, और समय से पूर्व पसीने से तर-बतर उन सैकड़ों...

दरभंगा
जिन्होंने नहीं सुनी वो ‘धाँय!’, वे पढ़ें यह रिपोर्ट ताकि जान सकें कि एक आवाज़ कैसे बदल देती है ज़िंदगियाँ

जिन्होंने नहीं सुनी वो ‘धाँय!’, वे पढ़ें यह रिपोर्ट ताकि...

भरवाड़ा की वह शाम सामान्य नहीं थी। हल्की हवा बह रही थी, बाजार में चूड़ी की खनखनाहट...

दरभंगा
जब दरभंगा की सड़कों पर कानून की परिभाषा खुद चलती मिली: वरीय पुलिस अधीक्षक ने रात के अंधेरों से बात की, थानों के रजिस्टरों में उतरकर सच को टटोला, और उस हर कोने में पहुंचा जहां असमाजिक तत्व सोचते थे कि कोई देख नहीं रहा एक रात्रि गश्ती, जो सिर्फ औचक नहीं, एक चेतना थी

जब दरभंगा की सड़कों पर कानून की परिभाषा खुद चलती मिली:...

यह दरभंगा की वही रात थी वही चांद, वही सड़कें, वही बिजली के खंभों पर थरथराते बल्ब,...

दरभंगा
मशाल जुलूस पर बरसी लाठियाँ, घायल कार्यकर्ता और मौन प्रशासन विजय सिन्हा की 48 घंटे की घड़ी अब टिक-टिक कर रही है: दरभंगा के डीएम कौशल कुमार और एसएसपी रेड्डी पर सवालों की बौछार!

मशाल जुलूस पर बरसी लाठियाँ, घायल कार्यकर्ता और मौन प्रशासन...

इतिहास की पगडंडियों से निकलती मिथिला की राजधानी दरभंगा आज फिर एक सवाल के घेरे में...

दरभंगा
संजय सरावगी के संकल्प और नितिन नवीन की निगरानी में दरभंगा को जाम से मुक्ति की दिशा: दोनार आरओबी से लेकर दिल्ली मोड़ तक एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण की राह पर 1868.87 करोड़ की ऐतिहासिक स्वीकृति

संजय सरावगी के संकल्प और नितिन नवीन की निगरानी में दरभंगा...

पटना की एक शांत सुबह। लेकिन उस सुबह की एक मीटिंग ने दरभंगा के निवासियों के जीवन...

दरभंगा
हे राम! उस रात दरभंगा के कमतौल में क्या बीता उस अबला माँ पर जब आम के बगान में पिस्तौल की नोक पर नोंच ली गई अस्मिता, चीखें टकराईं अमावस से, और हमारी विशेष रिपोर्ट से हिली संवेदनशील पुलिस महकमा; SSP जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी और SDPO ज्योति कुमारी की तत्परता से चार दरिंदे सलाखों के पीछे, दो अब भी फरार!

हे राम! उस रात दरभंगा के कमतौल में क्या बीता उस अबला माँ...

पांच जून की वह शाम न केवल एक स्त्री की आत्मा के लिए अंत का आरंभ थी, बल्कि बिहार...

बिहार
दरभंगा के टावर चौक पर दिनदहाड़े ₹3.81 लाख की लूट: सेंट्रल बैंक की दहलीज़ पर छलनी हुई सुरक्षा, जैन फार्मा के कर्मचारी से हुई नृशंस छिनैती और ‘मिथिला जन जन की आवाज़’ की इस विशेष रिपोर्ट ने खोली पुलिसिया दावों की परतें

दरभंगा के टावर चौक पर दिनदहाड़े ₹3.81 लाख की लूट: सेंट्रल...

बिहार का एक ऐतिहासिक शहर, जो अपनी सांस्कृतिक विरासत और मिथिला की कला के लिए जाना...

दरभंगा
दरभंगा में अब शराबबंदी नहीं, 'ऑपरेशन शिकंजा' की गूंज है... पुलिस की तीन बड़ी कार्रवाईयों ने नशे के साम्राज्य को झकझोरा, पंचायत भवन से लेकर आम के कार्टून तक में छिपा था ज़हर

दरभंगा में अब शराबबंदी नहीं, 'ऑपरेशन शिकंजा' की गूंज है......

जब दरभंगा की धरती को शराबबंदी की सौगंध दी गई थी, तब शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा...

दरभंगा
जब विदाई की तालियों में भीग गईं आंखें और सूटकेस में सिमट गईं वर्षों की निःस्वार्थ तपस्या दरभंगा प्रशासन के मर्म में अमिट छाप छोड़ गए उप विकास आयुक्त चित्रगुप्त कुमार, जिनकी सादगी, संजीदगी और सेवा ने सत्ता को संवेदनाओं से जोड़ा; अब उम्मीदों की नई लौ बनकर स्वप्निल ने संभाला दायित्व वर्तमान उप विकास आयुक्त के रूप में शुरू हो रही है एक नई प्रशासनिक यात्रा, जहां नज़रें अब एक नई संवेदना की खोज में हैं...

जब विदाई की तालियों में भीग गईं आंखें और सूटकेस में सिमट...

मिथिला की ऐतिहासिक धरती, जहां हर मोड़ पर इतिहास सांस लेता है, जहां सरोवरों में जल...

दरभंगा
बकरीद की मिठास के बाद सड़कों पर उतरी पुलिस की सख्ती: दरभंगा में एसएसपी रेड्डी की आंधी, कोतवाली प्रभारी राहुल कुमार की चाय दुकानों तक फैली दबिश बनी चर्चा का केंद्र

बकरीद की मिठास के बाद सड़कों पर उतरी पुलिस की सख्ती: दरभंगा...

बकरीद के दो दिन बाद, जब शहर की गलियों में त्योहार की मिठास बाकी थी, उसी दौरान दरभंगा...

दरभंगा
दरभंगा में अपराधियों के लिए अब नहीं बचेंगे कोई रास्ते वरीय पुलिस कप्तान के कड़े निरीक्षण ने थानों की सुस्ती को किया बेनकाब, हर लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई, सुरक्षा व्यवस्था में ला रहे हैं क्रांतिकारी बदलाव और कानून की जीत का ऐलान

दरभंगा में अपराधियों के लिए अब नहीं बचेंगे कोई रास्ते वरीय...

संध्याकालीन सन्नाटा जब अपने काले घूँघट ताने शहर को जकड़ चुका था, तब अचानक दरभंगा...

दरभंगा
जब दरभंगा की सड़कों पर बहनों के आँसू अंगार बने, लाठी के घाव क्रांति की चिंगारी बने, और नारियों ने ओढ़ी रक्तरंजित चुनरी तब सत्ता की खामोशी धुएं में घुल गई, नाजिया हसन के पुतले राख हुए, और मिथिला की आत्मा ने कहा: अब हर लाठी का जवाब संकल्प से होगा, हर चुप्पी का हिसाब मांगेंगी बेटियाँ!

जब दरभंगा की सड़कों पर बहनों के आँसू अंगार बने, लाठी के...

कभी शांति और संस्कृति की नगरी रही दरभंगा, अब धीरे-धीरे आंदोलनों की आग में तप रही...

दरभंगा
जब दरभंगा की धरती पर फिर उग आई शराब की एक और कालिख कमतौल के कटैया में ट्रक और पिकअप पर लदी 4578 लीटर विदेशी शराब की बरामदगी ने खोली तस्करों की नींद, एसएसपी के नेतृत्व में दरभंगा पुलिस ने रचा कार्रवाई का एक नया अध्याय; याद कीजिए वो रात जब आम के कैरेट में छुपी थी शराब की सांघातिक साजिश... पढ़ें, यह हमारे द्वारा गहराई से पड़ताल किया गया विशेष रिपोर्ट

जब दरभंगा की धरती पर फिर उग आई शराब की एक और कालिख कमतौल...

दरभंगा की मिट्टी में आज फिर कानून की जड़ों ने करवट ली है। जिस ज़मीन ने कभी विद्यापति...

दरभंगा
दरभंगा की मिट्टी में जब डॉक्टर स्मृति ने जीवन का बीज बोया, और पूर्व जिलाधिकारी राजीव रौशन ने संकल्प के साथ थामी संवेदना की मशाल तब जन्म लिया एक ऐसा केंद्र, जो कोख नहीं, करुणा से जन्म देगा मातृत्व के दीप

दरभंगा की मिट्टी में जब डॉक्टर स्मृति ने जीवन का बीज बोया,...

यह केवल एक सेंटर का उद्घाटन नहीं था, यह उस दर्द की दवा का शुभारंभ था, जिसे शब्दों...

दरभंगा
नाजिया हसन की पोस्ट बनी चिनगारी, मशाल जुलूस बना अपराध, और लाठी बनी संवाद की भाषा विश्वविद्यालय थाना के ठीक बीच सड़क पर सिसकता रहा संविधान; इस विवेकहीन अंधेर की कहानी सम्पादकीय प्रमुख आशिष कुमार की लेखनी से

नाजिया हसन की पोस्ट बनी चिनगारी, मशाल जुलूस बना अपराध,...

दरभंगा की दोपहर शनिवार को कुछ और ही रंग में रंगी थी। आसमान में धूप सामान्य थी, लेकिन...