कुशेश्वरस्थान हत्याकांड: सुपरकॉप मनीष चंद्र चौधरी के नेतृत्व में अपराधियों पर शिकंजा

दरभंगा पुलिस ने कुशेश्वरस्थान में शिक्षक रामाश्रय यादव की हत्या के मामले में ऐसा धमाल मचाया कि अपराधियों की नींद हराम हो गई! 28 जनवरी को कचरूकी पुल पर हुई इस सनसनीखेज वारदात ने इलाके में हड़कंप मचा दिया था, लेकिन पुलिस ने अपनी टेक्नोलॉजी और टशन के साथ इस केस को सुलझाकर सबको चौंका दिया. पढ़े पुरी खबर........

कुशेश्वरस्थान हत्याकांड: सुपरकॉप मनीष चंद्र चौधरी के नेतृत्व में अपराधियों पर शिकंजा
कुशेश्वरस्थान हत्याकांड: सुपरकॉप मनीष चंद्र चौधरी के नेतृत्व में अपराधियों पर शिकंजा; फोटो: मिथिला जन जन की आवाज

दरभंगा: दरभंगा पुलिस ने कुशेश्वरस्थान में शिक्षक रामाश्रय यादव की हत्या के मामले में ऐसा धमाल मचाया कि अपराधियों की नींद हराम हो गई! 28 जनवरी को कचरूकी पुल पर हुई इस सनसनीखेज वारदात ने इलाके में हड़कंप मचा दिया था, लेकिन पुलिस ने अपनी टेक्नोलॉजी और टशन के साथ इस केस को सुलझाकर सबको चौंका दिया।

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बात शुरू हुई जब चार गुंडों ने मोटरसाइकिल पर सवार होकर रामाश्रय यादव को गोलियों से भून डाला। मामला दर्ज हुआ—कांड संख्या 21/25, और फिर पुलिस ने अपनी फिल्मी स्टाइल में एंट्री मारी। बिरौल के सुपरकॉप मनीष चन्द्र चौधरी ने टीम बनाई, जिसमें घनश्यामपुर के थानाध्यक्ष अजीत कुमार, कुशेश्वरस्थान के राकेश कुमार सिंह और तकनीकी शाखा के जांबाज शामिल थे। ये लोग किसी एक्शन मूवी के हीरो की तरह सीसीटीवी फुटेज में उलझे और चारों बदमाशों की शक्लें पकड़ लीं।

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पहला झटका लगा मुकेश यादव को, जो पुलिस के हत्थे चढ़ा और सारा राज उगल दिया। पता चला कि ये हत्या कोई इत्तेफाक नहीं, बल्कि 2022 से चला आ रहा रंजिश का रसीला ड्रामा था। मास्टरमाइंड हीरा यादव ने रंजन यादव को 50,000 रुपये का चारा डाला और बाकी पेमेंट काम पूरा होने की गारंटी दी। रंजन ने रामाश्रय से दोस्ती का ढोंग रचा, और फिर राजनपुर में अपने गैंग—सुबोध कुमार, मुकेश, और सुदर्शन कुमार झा—के साथ मिलकर प्लान फाइनल किया।

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पुलिस ने एक-एक कर सातों शैतानों को दबोचा—रंजन यादव, सुबोध कुमार, प्रभाकर यादव, लालो यादव, हीरा यादव, रामचन्द्र पासवान, और शम्भुकुमार चौधरी। इनके पास से दो देसी कट्टे और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए, जैसे कोई मसालेदार फिल्म का क्लाइमेक्स हो। झाड़ाघाट से लेकर बहेड़ा तक पुलिस की रेड ने अपराधियों को चूहों की तरह भगाया, और आखिरकार सब जेल की हवा खाने को तैयार हैं।

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लोगों में चर्चा है कि दरभंगा पुलिस ने इस ऑपरेशन में टेक्नोलॉजी का तड़का और हिम्मत का स्वाद ऐसा मिलाया कि अपराधियों की सारी हेकड़ी फुस्स हो गई। बाकी बचे गुंडों को पकड़ने के लिए छापेमारी का सिलसिला जारी है। दरभंगा पुलिस का ये कारनामा न सिर्फ तारीफ के काबिल है, बल्कि एक मसालेदार खबर बनकर हर गली-मोहल्ले में छा गया है। वाह दरभंगा पुलिस, क्या बात है!