बिहार बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा 2025: 86.5% उत्तीर्णता के साथ 11.7 लाख विद्यार्थियों का सपना साकार, प्रिया और आकाश ने विज्ञान संकाय में लहराया परचम
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2025 के परिणामों का ऐलान कर दिया है। इस बार उत्तीर्णता का आंकड़ा 86.5% तक पहुंचा, जो शिक्षा के क्षेत्र में बिहार की प्रगति का एक स्वर्णिम अध्याय रचता है। कुल 13.5 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने इस महापरीक्षा में अपनी किस्मत आजमाई, जिसमें से 11.7 लाख विद्यार्थियों ने सफलता का स्वाद चखा। परिणामों की घोषणा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने एक भव्य संवाददाता सम्मेलन में की, जिसमें उपलब्धियों का बखान करते हुए शिक्षा के उज्ज्वल भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत की गई. पढ़े पुरी खबर.......

पटना: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा 2025 के परिणामों का ऐलान कर दिया है। इस बार उत्तीर्णता का आंकड़ा 86.5% तक पहुंचा, जो शिक्षा के क्षेत्र में बिहार की प्रगति का एक स्वर्णिम अध्याय रचता है। कुल 13.5 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने इस महापरीक्षा में अपनी किस्मत आजमाई, जिसमें से 11.7 लाख विद्यार्थियों ने सफलता का स्वाद चखा। परिणामों की घोषणा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने एक भव्य संवाददाता सम्मेलन में की, जिसमें उपलब्धियों का बखान करते हुए शिक्षा के उज्ज्वल भविष्य की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।
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विज्ञान संकाय में प्रिया और आकाश की विजय गाथा: विज्ञान संकाय में इस बार पश्चिम चंपारण की कन्या प्रिया जायसवाल ने अपनी प्रतिभा का डंका बजाया। 500 में से 484 अंक (96.8%) अर्जित कर उसने राज्य भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उसकी यह सफलता मेहनत की मिसाल है, जिसमें शिक्षकों का मार्गदर्शन और परिवार का अटूट समर्थन उसकी ढाल बना। प्रिया ने अपनी विजय को साहित्यिक भाव से व्यक्त करते हुए कहा, "यह मेरे सपनों का प्रारंभिक पुष्प है, जो चिकित्सा के क्षेत्र में खिलेगा।" दूसरी ओर, अरवल के आकाश कुमार ने 480 अंक (96%) हासिल कर द्वितीय स्थान पर कब्जा जमाया। उसने अपनी उपलब्धि को समय के सुंदर प्रबंधन और परिश्रम का फल बताया। विज्ञान संकाय में उत्तीर्णता दर 89.66% रही, जो सभी संकायों में सर्वोच्च ठहरी।
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अन्य संकायों का शानदार प्रदर्शन: वाणिज्य संकाय में 91.35% और कला संकाय में 83.24% विद्यार्थियों ने सफलता का परचम लहराया। इस बार कन्याओं ने भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और टॉपर्स की सूची में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। परीक्षा का आयोजन 1 फरवरी से 12 फरवरी 2025 तक राज्य के 1,500 से अधिक केंद्रों पर संपन्न हुआ। नकल के काले बादलों को दूर रखने के लिए कठोर निगरानी और आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया, जिसने इस परीक्षा को पारदर्शिता का आलमबदार बनाया।
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शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्थान: समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने परिणामों की प्रशंसा करते हुए कहा, "वर्षों से हम शिक्षा के इस मंदिर में प्रगति के नए सोपान रच रहे हैं। 86.5% उत्तीर्णता का यह आंकड़ा विद्यार्थियों, गुरुजनों और अभिभावकों के संयुक्त प्रयासों का सुंदर चित्र प्रस्तुत करता है।" उन्होंने बताया कि टॉपर्स की उत्तर पुस्तिकाओं का सूक्ष्म सत्यापन कर परिणामों को अंतिम रूप दिया गया, जिससे विश्वसनीयता का एक और आधार मजबूत हुआ।
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विद्यार्थियों में उल्लास की बयार: परिणामों के ऐलान के साथ ही बिहार के कोने-कोने में उल्लास की बयार बहने लगी। प्रिया जायसवाल ने भावुक स्वर में कहा, "मेरा लक्ष्य चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करना है, और यह परिणाम उस स्वप्निल यात्रा का प्रथम पड़ाव है।" वहीं, आकाश कुमार ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कदम रखने की अभिलाषा जताई। दोनों ने अपने साथियों को परिश्रम और आत्मविश्वास का मंत्र दिया, ताकि वे भी अपने सपनों के आकाश को छू सकें।
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परिणाम देखने की सरल राह: विद्यार्थी अपने परिणाम समिति की आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर देख सकते हैं। इसके लिए उन्हें अपने रोल नंबर और रोल कोड का प्रयोग करना होगा। असंतुष्ट विद्यार्थियों के लिए स्क्रूटनी की सुविधा भी शीघ्र उपलब्ध होगी, जिसकी सूचना बोर्ड द्वारा जल्द दी जाएगी।
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बिहार की शिक्षा का स्वर्ण युग: इस शानदार परिणाम ने बिहार बोर्ड की साख को और ऊंचा किया है। अब सबकी निगाहें मैट्रिक परीक्षा के परिणामों पर टिकी हैं, जो निकट भविष्य में घोषित होने की संभावना है। प्रिया और आकाश जैसे नन्हे सितारों की चमक ने साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से हर सपना साकार हो सकता है। यह बिहार की शिक्षा का स्वर्ण युग है, जो आने वाले दिनों में और भी सुनहरे पन्ने लिखने को तैयार है।