दरभंगा: डीएमसीएच में अधीक्षक डॉ. शीला कुमारी की तूफानी चाल, लापरवाहों की अब खैर नहीं!

मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (डीएमसीएच) में इन दिनों अधीक्षक डॉ. शीला कुमारी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। अस्पताल को चुस्त-दुरुस्त करने की उनकी मुहिम किसी तूफान से कम नहीं, और सोमवार को यह तेवर एक बार फिर चरम पर दिखा। उपाधीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार को साथ लेकर उन्होंने इमरजेंसी से लेकर तमाम विभागों में धमाकेदार छापेमारी की, जिसने लापरवाह चिकित्सकों के होश उड़ा दिए. पढ़े पुरी खबर......

दरभंगा: डीएमसीएच में अधीक्षक डॉ. शीला कुमारी की तूफानी चाल, लापरवाहों की अब खैर नहीं!
दरभंगा: डीएमसीएच में अधीक्षक डॉ. शीला कुमारी की तूफानी चाल, लापरवाहों की अब खैर नहीं!; फोटो: मिथिला जन जन की आवाज़

दरभंगा: मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (डीएमसीएच) में इन दिनों अधीक्षक डॉ. शीला कुमारी का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। अस्पताल को चुस्त-दुरुस्त करने की उनकी मुहिम किसी तूफान से कम नहीं, और सोमवार को यह तेवर एक बार फिर चरम पर दिखा। उपाधीक्षक डॉ. सुरेंद्र कुमार को साथ लेकर उन्होंने इमरजेंसी से लेकर तमाम विभागों में धमाकेदार छापेमारी की, जिसने लापरवाह चिकित्सकों के होश उड़ा दिए।

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इमरजेंसी कक्ष में पहुंचते ही मामला गरम हो गया। नेत्र विभाग और ईएनटी विभाग के सर्जन ऑन ड्यूटी (एसओडी) अपनी कुर्सियां ठंडी छोड़कर कहीं गायब थे। यह देखते ही अधीक्षक का पारा सातवें आसमान पर पहुंचा। फौरन फोन घुमाया गया, और दोनों चिकित्सकों को हाजिर होने का फरमान सुना दिया गया। पलक झपकते ही ड्यूटी से नदारद ये "डॉक्टर साहब" पसीना-पसीना हुए मौके पर पहुंचे, मगर तब तक खेल खत्म हो चुका था। डॉ. शीला कुमारी ने आंखें तरेरते हुए उन्हें ऐसा डोज दिया कि आगे से ड्यूटी छोड़ने की हिम्मत न पड़े। उपाधीक्षक ने भी तड़का लगाते हुए कहा, "जवाब तलब होगा, अब कोई बहाना नहीं चलेगा!"

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उधर, अधीक्षक ने मेडिसिन सीसीडब्ल्यू में मरीजों के बीच जाकर हालचाल लिया, मानो कह रही हों कि "सेवा भी करनी है और सिस्टम भी सुधारना है।" उनकी यह जोड़ी- एक तरफ मरीजों की फिक्र, दूसरी तरफ लापरवाहों पर नकेल- अस्पताल में हलचल मचा रही है। सूत्र बताते हैं कि अनुपस्थित SODs के खिलाफ विभागाध्यक्षों को भी खबर कर दी गई, और अब इन "नौटंकीबाजों" की शामत आने वाली है।

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डीएमसीएच, जो कभी सुस्ती का शिकार था, अब अधीक्षक के इस मसालेदार तड़के से जाग उठा है। मरीजों की उम्मीदें बढ़ी हैं, और लापरवाह चिकित्सकों की नींद उड़ी है। डॉ. शीला कुमारी का यह धमाकेदार अंदाज साफ कह रहा है- "अब न काम होगा, न नाम होगा!" आने वाले दिन बताएंगे कि यह तूफान कहां तक रंग लाता है, मगर फिलहाल तो अस्पताल में सनसनी मची हुई है!