दरभंगा के लहेरियासराय थाने से 15 दिनों से लापता ई-चालान मशीन: पुलिस की घोर लापरवाही और संदिग्ध निष्क्रियता पर सवाल, आखिर कार्रवाई कब?

बिहार के दरभंगा जिले के लहेरियासराय थाने से एक अत्यंत गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। पिछले 15 दिनों से थाने की ई-चालान काटने वाली मशीन रहस्यमयी ढंग से लापता है, और इस संगीन घटना ने पुलिस प्रशासन की विश्वसनीयता को कठघरे में खड़ा कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि न तो थाने के संतरी को इसकी जानकारी है और न ही वरिष्ठ अधिकारियों को, फिर भी इस घोर लापरवाही और संदिग्ध चुप्पी के बावजूद किसी भी जिम्मेदार के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। सवाल उठता है—आखिर कार्रवाई कब होगी???.... पढ़े पुरी खबर...........

दरभंगा के लहेरियासराय थाने से 15 दिनों से लापता ई-चालान मशीन: पुलिस की घोर लापरवाही और संदिग्ध निष्क्रियता पर सवाल, आखिर कार्रवाई कब?
दरभंगा के लहेरियासराय थाने से 15 दिनों से लापता ई-चालान मशीन: पुलिस की घोर लापरवाही और संदिग्ध निष्क्रियता पर सवाल, आखिर कार्रवाई कब???; फोटो: सोशल मीडिया

दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले के लहेरियासराय थाने से एक अत्यंत गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। पिछले 15 दिनों से थाने की ई-चालान काटने वाली मशीन रहस्यमयी ढंग से लापता है, और इस संगीन घटना ने पुलिस प्रशासन की विश्वसनीयता को कठघरे में खड़ा कर दिया है। हैरानी की बात यह है कि न तो थाने के संतरी को इसकी जानकारी है और न ही वरिष्ठ अधिकारियों को, फिर भी इस घोर लापरवाही और संदिग्ध चुप्पी के बावजूद किसी भी जिम्मेदार के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। सवाल उठता है—आखिर कार्रवाई कब होगी??

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लहेरियासराय थाना क्षेत्र में ट्रैफिक नियमों को लागू करने के लिए दी गई यह एकमात्र ई-चालान मशीन थी। इसके गायब होने से पिछले 15 दिनों से न तो वाहनों की जाँच हो पा रही है और न ही नियम-उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ चालान की कार्रवाई संभव हो रही है। नतीजतन, सड़कों पर अराजकता फैल रही है और ट्रैफिक नियमों की धज्जियाँ उड़ रही हैं। यह स्थिति पुलिस के कर्तव्य-निर्वहन में असमर्थता और संसाधन प्रबंधन की भयावह विफलता का प्रतीक बन गई है।

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मीडिया में उबाल, जनता में आक्रोश: प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और वेब मीडिया इस खबर को गंभीरता से उठा रही है। "कौन है वह अदृश्य शक्ति जिसने थाने से मशीन उड़ा ली?" जैसे सवालों के साथ पत्रकार और नागरिक पुलिस की इस शर्मनाक निष्क्रियता पर व्यंग्य कस रहे हैं। रिपोर्ट्स बताती हैं कि हर थाने को सिर्फ एक मशीन आवंटित की जाती है, और इसके अभाव में कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होना प्रशासनिक अक्षमता का स्पष्ट प्रमाण है।

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एसएसपी की चुप्पी असहनीय, कार्रवाई कब?? इस संदिग्ध प्रकरण ने दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) की कार्यशैली पर गंभीर संदेह पैदा कर दिया है। जनता और मीडिया बार-बार माँग कर रहे हैं कि एसएसपी इस मामले का तत्काल संज्ञान लें और जवाब दें: मशीन के लापता होने की जाँच में देरी क्यों हो रही है? क्या यह केवल लापरवाही है या इसके पीछे कोई सुनियोजित अनियमितता छिपी है? इसकी जवाबदेही कौन लेगा? और सबसे बड़ा सवाल—आखिर इस कांड में कार्रवाई कब होगी?

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पुलिस की साख पर गहरा संकट: यह घटना बिहार पुलिस के संसाधनों की चरम कमी, प्रबंधकीय अराजकता और कर्तव्य के प्रति उदासीनता का भयंकर उदाहरण है। यदि इस मामले में शीघ्र और कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता का पुलिस पर से बचा-खुचा भरोसा भी चूर-चूर हो जाएगा। अब यह दरभंगा के एसएसपी पर निर्भर है कि वे इस गंभीर कांड की पारदर्शी जाँच सुनिश्चित करें और दोषियों को कठोर दंड दें। जनता पूछ रही है—15 दिन बीत गए, आखिर कार्रवाई का इंतजार कब तक करना पड़गा