दरभंगा की बेटी पर कहर: सामूहिक दुष्कर्म ने लूटा बचपन, दो आरोपी पकड़े गए, उदासी अनंत

दरभंगा के एक गांव की 16 साल की मासूम बेटी की जिंदगी उस रात हमेशा के लिए अंधेरे में डूब गई, जब होली की खुशियों के बीच 15 मार्च 2025 को दस दरिंदों ने उसकी अस्मत को तार-तार कर दिया। उसकी चीखें बगीचे की सन्नाटे में गूंजती रहीं, मगर कोई बचाने न आया। खून से सनी, बेहोश हालत में उसे मरने के लिए छोड़ दिया गया। अब पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों—दुर्गेश पासवान और सुमित पासवान—को पकड़ा है, लेकिन बाकी आठ हैवानों की आजादी उस परिवार के जख्मों पर नमक छिड़क रही है. पढ़े पुरी खबर........

दरभंगा की बेटी पर कहर: सामूहिक दुष्कर्म ने लूटा बचपन, दो आरोपी पकड़े गए, उदासी अनंत
दरभंगा की बेटी पर कहर: सामूहिक दुष्कर्म ने लूटा बचपन, दो आरोपी पकड़े गए, उदासी अनंत; फोटो: मिथिला जन जन की आवाज

दरभंगा: दरभंगा के एक गांव की 16 साल की मासूम बेटी की जिंदगी उस रात हमेशा के लिए अंधेरे में डूब गई, जब होली की खुशियों के बीच 15 मार्च 2025 को दस दरिंदों ने उसकी अस्मत को तार-तार कर दिया। उसकी चीखें बगीचे की सन्नाटे में गूंजती रहीं, मगर कोई बचाने न आया। खून से सनी, बेहोश हालत में उसे मरने के लिए छोड़ दिया गया। अब पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों—दुर्गेश पासवान और सुमित पासवान—को पकड़ा है, लेकिन बाकी आठ हैवानों की आजादी उस परिवार के जख्मों पर नमक छिड़क रही है।

वो रात, जब सबकुछ छिन गया: मां की आंखों में आंसुओं का सैलाब है। वह बताती है, "शाम 9 बजे मेरी बेटी शौच के लिए निकली थी। जब देर तक न लौटी, तो दिल बेचैन हो उठा। उसे बगीचे में खून में लथपथ, बेसुध पड़ा देख मेरी दुनिया लुट गई।" चार-पांच दरिंदों ने उसे उठाया, और वहां पहले से मौजूद अन्य शैतानों ने मिलकर उसकी मासूमियत को कुचल डाला। सुबह ग्रामीणों ने उसे घर पहुंचाया, मगर उसकी आंखों में डर और होंठों पर सन्नाटा था।

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डर और शर्मिंदगी ने बांधे हाथ: आरोपियों ने इस दर्द का वीडियो बनाया और धमकी दी कि पुलिस के पास गए तो सबके सामने बेटी की बेइज्जती कर देंगे। पिता बाहर मजदूरी करते हैं, और अकेली मां इस दुख को सीने में दबाए रोती रही। लोक लाज का डर और धमकियों का साया ऐसा था कि दस दिन तक परिवार चुप रहा। जब गांव में बात फैली, तो 25 मार्च को बहेड़ा थाने में हिम्मत जुटाकर प्राथमिकी दर्ज की गई।

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पुलिस का कदम, मगर अधूरी राहत: पुलिस ने दुर्गेश पासवान, जिसका पिता बिहार पुलिस में चौकीदार है, और सुमित पासवान को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता का मेडिकल जांच हुआ, कोर्ट में बयान दर्ज हो रहा है। घटनास्थल पर खून के धब्बे उस रात की चीखों को बयां कर रहे हैं। ग्रामीण एसपी आलोक कुमार ने कहा, "देर से मामला आया, फिर भी कोशिश जारी है। दोषियों को सजा मिलेगी।" मगर बाकी आठ फरार दरिंदों की सांसें उस मां की हर सांस को भारी कर रही हैं।

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टूटा परिवार, उदास गांव: यह सिर्फ एक बेटी की कहानी नहीं, बल्कि हर उस मां-बाप का दर्द है जो अपनी बच्चियों को सुरक्षित नहीं देख पा रहे। गांव में सन्नाटा है, आंखें नम हैं, और दिल में एक सवाल—क्या उस बेटी को कभी उसका बचपन वापस मिलेगा? पुलिस की गिरफ्त में दो आए, मगर बाकियों की सजा का इंतजार उस परिवार की उदासी को और गहरा रहा है।

(जांच जारी, मगर दुख का अंत कब?)