थाना परिसर से ई-चालान मशीन की चोरी: एसएसपी के सख्त आदेश के बाद पुलिस ने शुरू की कार्रवाई, रहस्य अब भी बरकरार, बने रहें मिथिला जन जन की आवाज के साथ
दरभंगा के लहेरियासराय थाना में एक चौंकाने वाली घटना ने पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। ई-चालान काटने वाली मशीन (HDD मशीन) थाना परिसर से ही गायब हो गई, और 20 दिन बीत जाने के बाद भी इसका कोई सुराग नहीं मिला। "मिथिला जन जन की आवाज" समाचार इस खबर को लगातार प्रमुखता से उठा रहा है, जिससे जनता के बीच गहरी उत्सुकता और चर्चा का माहौल है। हमने पहले भी पुलिस की लापरवाही और मामलों को रफा-दफा करने की प्रवृत्ति पर खबरें प्रकाशित की थीं, लेकिन इस बार मामला इतना गंभीर था कि एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी को हस्तक्षेप करना पड़ा. पढ़े पुरी खबर.......

दरभंगा के लहेरियासराय थाना में एक चौंकाने वाली घटना ने पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। ई-चालान काटने वाली मशीन (HDD मशीन) थाना परिसर से ही गायब हो गई, और 20 दिन बीत जाने के बाद भी इसका कोई सुराग नहीं मिला। "मिथिला जन जन की आवाज" समाचार इस खबर को लगातार प्रमुखता से उठा रहा है, जिससे जनता के बीच गहरी उत्सुकता और चर्चा का माहौल है। हमने पहले भी पुलिस की लापरवाही और मामलों को रफा-दफा करने की प्रवृत्ति पर खबरें प्रकाशित की थीं, लेकिन इस बार मामला इतना गंभीर था कि एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी को हस्तक्षेप करना पड़ा। उनके सख्त निर्देश पर पुलिस को अज्ञात चोर के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज करना पड़ा, और अब जांच में तेजी लाई जा रही है।
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कैसे शुरू हुई यह रहस्यमयी चोरी? यह घटना 20 दिन पहले की है। दरोगा नंद लाल यादव ने रात में गश्ती की थी, और उनके पास यह चालान मशीन मौजूद थी। अगली सुबह जब सहायक दारोगा बाला कांत कुमार यादव गश्ती पर निकलने की तैयारी कर रहे थे, तो मशीन गायब मिली। थाना परिसर में जगह-जगह तलाशी ली गई, लेकिन मशीन का कोई अता-पता नहीं चला। शुरुआत में थानाध्यक्ष दीपक कुमार के निर्देश पर सनहा दर्ज किया गया, लेकिन मशीन नहीं मिलने पर मामला पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया। आखिरकार, एसएसपी के हस्तक्षेप के बाद अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज हुई।
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क्या गश्ती पर गए दरोगा और सहायक दरोगा से हुई कोई चूक: इस मामले में एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या गश्ती पर गए दरोगा नंद लाल यादव और सहायक दारोगा बाला कांत कुमार यादव से कोई भूल हुई? मशीन आखिरी बार नंद लाल यादव के पास देखी गई थी, और अगले दिन बाला कांत कुमार यादव को इसकी कमी का पता चला। क्या यह महज संयोग है, या इन दोनों में से किसी की लापरवाही ने चोर को मौका दिया? इस पर अभी प्रश्नचिह्न बना हुआ है, और जांच में इन पहलुओं पर भी गौर किया जा रहा है।
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एसएसपी के आदेश पर पुलिस एक्शन में: एसएसपी के सख्त रुख के बाद पुलिस ने जांच को गति दी है। कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या यह चोरी किसी अंदरूनी साजिश का हिस्सा थी, या कोई बाहरी शख्स थाना परिसर की सुरक्षा को भेदने में सफल रहा। थाना जैसे संवेदनशील स्थान से मशीन का गायब होना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल तो उठाता ही है, लेकिन अब एक्शन शुरू होने से कुछ उम्मीद जगी है।
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जनता की नजर, पुलिस पर दबाव: "मिथिला जन जन की आवाज" इस घटना को जनता के सामने लगातार ला रहा है। हमारी पहले की रिपोर्ट्स में भी पुलिस की लापरवाही को उजागर किया गया था, लेकिन इस बार मामला रफा-दफा होने से बच नहीं सका। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आखिर वह कौन है जिसने थाने से चालान मशीन चुराने की हिम्मत की। क्या यह कोई शातिर चोर है, या पुलिस की अपनी कमजोरियों का नतीजा? जांच के नतीजे आने तक यह सवाल एक रहस्य बना हुआ है। आगे देखिए, इस खबर का अगला अध्याय क्या लेकर आता है। "मिथिला जन जन की आवाज" आपके साथ बना रहेगा, हर सच को सामने लाने के लिए।