संजय सरावगी का तूफानी तांडव: भ्रष्टाचार की नींव हिली, बिहार में नई सुबह
बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने अपने पद की बागडोर संभालते ही भ्रष्टाचार के काले कारनामों पर ऐसी बिजली गिराई है कि प्रशासनिक गलियारों में सनसनी फैल गई। अररिया जिले के रानीगंज अंचलाधिकारी प्रियव्रत कुमार को दाखिल-खारिज के पवित्र दायित्व को कलंकित करने और अपने व परिचित के खजाने में धन ठूँसने के अपराध में निलंबन का दंड भुगतना पड़ा। यह कार्रवाई मंत्री के उस अटल संकल्प का प्रमाण है, जो विभाग को अनाचार के कीचड़ से निकालकर सुशासन के शिखर तक ले जाने को कृतसंकल्प है. पढ़े पुरी खबर.......

पटना: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी ने अपने पद की बागडोर संभालते ही भ्रष्टाचार के काले कारनामों पर ऐसी बिजली गिराई है कि प्रशासनिक गलियारों में सनसनी फैल गई। अररिया जिले के रानीगंज अंचलाधिकारी प्रियव्रत कुमार को दाखिल-खारिज के पवित्र दायित्व को कलंकित करने और अपने व परिचित के खजाने में धन ठूँसने के अपराध में निलंबन का दंड भुगतना पड़ा। यह कार्रवाई मंत्री के उस अटल संकल्प का प्रमाण है, जो विभाग को अनाचार के कीचड़ से निकालकर सुशासन के शिखर तक ले जाने को कृतसंकल्प है।
माजरा तब खुला, जब एक नन्हा साहसी शिकायतकर्ता ने अपने सबूतों की तलवार से अंधेरे के पर्दे चाक किए। उसने बताया कि प्रियव्रत कुमार के खाते में 2 लाख 75 हजार और उनके संगी अनुनय कुमार के खाते में 2 लाख रुपये की राशि रिश्वत के मलिन खेल का हिस्सा थी। यह धन दाखिल-खारिज के फैसले को अपने पक्ष में झुकाने की कुटिल चाल थी। संजय सरावगी ने इस निंदनीय कृत्य को सहन करने के बजाय तुरंत अररिया डीएम को जांच का हुक्म दिया। गठित त्रिस्तरीय समिति ने जब सत्य का अनावरण किया, तो प्रियव्रत का "स्वयं जमा" का बहाना हवा-हवाई साबित हुआ, क्योंकि उनकी संपत्ति की किताब में ऐसी दौलत का कोई सुराग न मिला। बस फिर क्या था, मंत्री के एक झटके में प्रियव्रत को निलंबन की सजा सुना दी गई, और उनका ठिकाना पूर्णिया प्रमंडल आयुक्त कार्यालय में बनाया गया।
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संजय सरावगी ने इस मौके पर अपनी हुंकार भरी, "हमारा सपना है कि यह विभाग ईमानदारी का आलम लहराए। भ्रष्टाचार का यह विष वृक्ष जड़ से उखाड़ फेंकने का मेरा प्रण है।" उनकी यह बुलंद आवाज सोशल मीडिया पर भी गूँज रही है, जहाँ वे हर अनियमितता को उजागर कर जनता के बीच सुशासन का दीप जलाते हैं।
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मंत्री बनते ही संजय सरावगी ने जिस जोश और जुनून से कमान संभाली, वह अब एक नया इतिहास गढ़ रहा है। यह कार्रवाई महज एक निलंबन नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एक तूफानी संदेश है, जो हर अधिकारी को कर्तव्य की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। उनके नेतृत्व में विभाग एक नई सुबह की ओर बढ़ रहा है, जहाँ पारदर्शिता और जवाबदेही का सूरज हर कोने को रोशन करेगा। बिहार की जनता इस शेरदिल मंत्री के पराक्रम को सलाम कर रही है, और उम्मीद कर रही है कि यह क्रांतिकारी सफर अनवरत जारी रहेगा।