परिणाम घोषित होते ही सीमावर्ती गांव से उठी प्रतिभा की चमक....सनहपुर विद्यालय के छात्र सत्यम कुमार ने 476 अंक के साथ इंटर विज्ञान में राज्य स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त कर दरभंगा, प्रखंड और अपने गांव का बढ़ाया गौरव.....
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा सोमवार को घोषित इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम के साथ ही दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा प्रखंड स्थित प्लस टू उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय सनहपुर से एक ऐसी खबर सामने आई जिसने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया। सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई कर रहे इस विद्यालय के छात्र सत्यम कुमार ने विज्ञान संकाय में 476 अंक प्राप्त कर राज्य स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया है। जैसे ही परीक्षा परिणाम सार्वजनिक हुआ, विद्यालय परिसर से लेकर उसके पैतृक गांव तक उत्साह और गर्व का माहौल बन गया. पढ़े पूरी खबर.....
सिंहवाड़ा (दरभंगा)। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा सोमवार को घोषित इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम के साथ ही दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा प्रखंड स्थित प्लस टू उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय सनहपुर से एक ऐसी खबर सामने आई जिसने पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया। सीमित संसाधनों के बीच पढ़ाई कर रहे इस विद्यालय के छात्र सत्यम कुमार ने विज्ञान संकाय में 476 अंक प्राप्त कर राज्य स्तर पर चौथा स्थान हासिल किया है। जैसे ही परीक्षा परिणाम सार्वजनिक हुआ, विद्यालय परिसर से लेकर उसके पैतृक गांव तक उत्साह और गर्व का माहौल बन गया।

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मूल रूप से मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड अंतर्गत लखनपुर गांव के रहने वाले सत्यम कुमार एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उनके पिता मुन्ना कुमार खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि माता गीता देवी गृहिणी हैं। आर्थिक रूप से मध्यम वर्गीय पृष्ठभूमि के बावजूद परिवार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी और इसी का परिणाम आज पूरे क्षेत्र के सामने है।

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विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. अविनाश कुमार ने बताया कि सत्यम प्रारंभ से ही पढ़ाई के प्रति गंभीर और अनुशासित छात्र रहा है। मैट्रिक परीक्षा में भी उसने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इंटरमीडिएट की परीक्षा में उसका आत्मविश्वास पहले से ही दिखाई दे रहा था। परिणाम घोषित होने के बाद जब बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से टॉपर्स की सूची में उसका नाम सामने आया, तब सत्यापन के लिए उसे बुलाया गया था। विद्यालय प्रशासन को भी यह भरोसा था कि सत्यम अपने प्रदर्शन के बल पर शीर्ष स्थानों में जरूर जगह बनाएगा।

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सीमावर्ती क्षेत्र के सरकारी विद्यालय में पढ़ाई कर इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करना इस बात का प्रमाण है कि लगन और अनुशासन के साथ की गई मेहनत किसी भी बाधा को छोटा कर सकती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस उपलब्धि ने उन छात्रों के लिए भी प्रेरणा का काम किया है जो संसाधनों की कमी को अपनी पढ़ाई में बाधा मानते हैं। परिणाम सामने आने के बाद सत्यम ने मोबाइल पर बातचीत में बताया कि उसकी सफलता के पीछे माता-पिता का विश्वास और शिक्षकों का निरंतर मार्गदर्शन सबसे बड़ी ताकत रहा है। उसने कहा कि परिवार ने हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और विद्यालय के शिक्षकों ने समय-समय पर सही दिशा दिखाई। उसी का परिणाम है कि आज वह यह मुकाम हासिल कर सका है।

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सत्यम का लक्ष्य आगे कम्प्यूटर साइंस के क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करना है। वह तकनीकी अध्ययन कर भविष्य में सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता है और देश के लिए उपयोगी कार्य करना चाहता है। दो भाइयों में बड़ा होने के कारण उस पर परिवार की जिम्मेदारी भी है। उसका छोटा भाई आदर्श कुमार फिलहाल दसवीं कक्षा का छात्र है और बड़े भाई की सफलता से प्रेरित होकर पढ़ाई में आगे बढ़ने का संकल्प ले रहा है। इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम सामने आने के बाद विद्यालय में भी उत्सव जैसा माहौल रहा। शिक्षक और छात्र सत्यम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे विद्यालय की उपलब्धि बता रहे हैं। इसी क्रम में विद्यालय के शिक्षकों ने उसके पिता मुन्ना कुमार को सम्मानित करते हुए पाग, चादर और पुष्पगुच्छ भेंट किया। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल एक छात्र की मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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स्थानीय लोगों का मानना है कि सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए सत्यम की सफलता एक मजबूत संदेश है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर परिश्रम से बड़ी से बड़ी उपलब्धि प्राप्त की जा सकती है। आज लखनपुर गांव से लेकर सनहपुर विद्यालय तक हर ओर उसी छात्र की चर्चा है जिसने सीमित साधनों के बीच अपनी प्रतिभा का ऐसा परिचय दिया कि पूरा जिला गर्व महसूस कर रहा है। सत्यम की इस सफलता ने एक बार फिर यह साबित किया है कि यदि छात्र लक्ष्य के प्रति समर्पित हो और परिवार तथा शिक्षकों का सहयोग मिले, तो किसी भी छोटे गांव से निकलकर राज्य स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है। अब पूरे क्षेत्र की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह होनहार छात्र आगे अपनी शिक्षा यात्रा में कौन-कौन सी नई उपलब्धियां हासिल करता है।
