Tag: Darbhanga Raj

दरभंगा
क्या समाप्त होने जा रहा है 'दरभंगा राज' का अंतिम अध्याय? महरानी कामसुंदरी देवी के निधन के बाद बिहार सरकार की ऐतिहासिक तैयारी, हजारों करोड़ की संपत्तियों पर अधिग्रहण की दस्तक, उत्तराधिकार का रहस्य, वसीयत का अभाव और अब शुरू हुई कानूनी कवायद ने खड़े किए अनेक गंभीर प्रश्न...

क्या समाप्त होने जा रहा है 'दरभंगा राज' का अंतिम अध्याय?...

दरभंगा राज के इतिहास में एक ऐसा अध्याय खुल चुका है, जो केवल एक राजपरिवार तक सीमित...

दरभंगा
मोती महल से राज किला तक, नरगौना पैलेस से लक्ष्मीश्वर विलास तक और तालपत्रों से दुर्लभ वृक्षों तक फैली उपेक्षा की कहानी! राज दरभंगा की ऐतिहासिक धरोहरों की बिगड़ती हालत देख इंटैक ने जताई गहरी चिंता, कहा....अब नहीं चेते तो इतिहास हो जाएगा खामोश; पढ़िए इंटैक की टीम कहाँ-कहाँ पहुंची, किन विरासतों का किया निरीक्षण और संरक्षण को लेकर क्या-क्या सुझाव दिए...

मोती महल से राज किला तक, नरगौना पैलेस से लक्ष्मीश्वर विलास...

कभी मिथिला की सांस्कृतिक चेतना, वैभव, विद्वता और स्थापत्य वैभव का प्रतीक रहा राज...

दरभंगा
महारानी कामसुंदरी देवी के मौन त्याग से दशकों तक जीवित रही दरभंगा राज की स्मृति, उनके न रहने के बाद जिस अनकहे सन्नाटे और भविष्य की आशंकाओं से युवराज कपिलेश्वर सिंह जूझते दिख रहे हैं, उसकी पूरी परतें समझने के लिए यह रिपोर्ट पढ़ना अब केवल विकल्प नहीं, ज़रूरत बनती जा रही है......

महारानी कामसुंदरी देवी के मौन त्याग से दशकों तक जीवित रही...

मिथिला की धरती केवल विद्या, वैराग्य और वैभव की जन्मभूमि नहीं रही है, यह धरती गवाह...

दरभंगा
दरभंगा की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी के साथ सिर्फ़ एक जीवन नहीं बुझा, बल्कि संविधान सभा की आख़िरी जीवित सांस भी थम गई, जिस राज ने भारत को संविधान दिया, युद्ध में सोना और विमान सौंपे, विश्वविद्यालयों की नींव रखी और संस्कृति को जीवित रखा, क्या उसकी विरासत अब चुपचाप दफ़न कर दी जाएगी? इतिहास की इस भयावह सच्चाई को जानना ज़रूरी है, पूरी विस्तृत रिपोर्ट पढ़िए.....

दरभंगा की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी के साथ सिर्फ़ एक...

दरभंगा राज की अंतिम महारानी कामसुंदरी देवी के निधन के साथ भले ही एक शाही अध्याय...

दरभंगा
दरभंगा राजकुल की अंतिम जीवित धरोहर एवं महाराज डॉ. सर कामेश्वर सिंह की धर्मपत्नी महारानी कामसुंदरी देवी का आज तड़के सुबह 3 बजे अपने आवास पर निधन, कुछ दिन पहले गिरकर हुई थीं चोटिल....

दरभंगा राजकुल की अंतिम जीवित धरोहर एवं महाराज डॉ. सर कामेश्वर...

मिथिला की धरती आज शोक में डूबी है। दरभंगा राजकुल की अंतिम जीवित धरोहर, महाराज डॉ....