दरभंगा की रातों पर किसका खूनी साया? एक ही गांव में फिर टूटी दहशत की दीवार, आधी रात घर में घुसे रहस्यमयी बदमाश, दो हजार रुपये लूटे, युवती के बाल काटकर छोड़ गए खौफ का ऐसा निशान कि पूरे डरहार गांव की नींद उड़ गई... पहली सनसनीखेज डकैती का राज अब तक नहीं खुला और फिर हुई दूसरी वारदात, आखिर कौन फैला रहा है आतंक का यह सिलसिला?

बहादुरपुर थाना क्षेत्र का डरहार गांव इन दिनों भय, अनिश्चितता और असुरक्षा के ऐसे साये में जी रहा है, जहां रात ढलते ही लोगों की धड़कनें तेज हो जाती हैं। ऐसा प्रतीत होता है मानो गांव की गलियों पर किसी अज्ञात खौफ का पहरा बैठ गया हो। हर आहट चौंका देती है, हर दस्तक दिल की धड़कनें बढ़ा देती है और हर रात अपने साथ किसी नए अनिष्ट की आशंका लेकर उतरती है. पढ़े पूरी खबर....

दरभंगा की रातों पर किसका खूनी साया? एक ही गांव में फिर टूटी दहशत की दीवार, आधी रात घर में घुसे रहस्यमयी बदमाश, दो हजार रुपये लूटे, युवती के बाल काटकर छोड़ गए खौफ का ऐसा निशान कि पूरे डरहार गांव की नींद उड़ गई... पहली सनसनीखेज डकैती का राज अब तक नहीं खुला और फिर हुई दूसरी वारदात, आखिर कौन फैला रहा है आतंक का यह सिलसिला?
दरभंगा की रातों पर किसका खूनी साया? एक ही गांव में फिर टूटी दहशत की दीवार, आधी रात घर में घुसे रहस्यमयी बदमाश, दो हजार रुपये लूटे, युवती के बाल काटकर छोड़ गए खौफ का ऐसा निशान कि पूरे डरहार गांव की नींद उड़ गई... पहली सनसनीखेज डकैती का राज अब तक नहीं खुला और फिर हुई दूसरी वारदात, आखिर कौन फैला रहा है आतंक का यह सिलसिला?

दरभंगा। बहादुरपुर थाना क्षेत्र का डरहार गांव इन दिनों भय, अनिश्चितता और असुरक्षा के ऐसे साये में जी रहा है, जहां रात ढलते ही लोगों की धड़कनें तेज हो जाती हैं। ऐसा प्रतीत होता है मानो गांव की गलियों पर किसी अज्ञात खौफ का पहरा बैठ गया हो। हर आहट चौंका देती है, हर दस्तक दिल की धड़कनें बढ़ा देती है और हर रात अपने साथ किसी नए अनिष्ट की आशंका लेकर उतरती है।

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गुरुवार की देर रात लगभग 2:30 बजे गांव ने एक बार फिर उसी खौफनाक मंजर को देखा, जिसने कुछ ही दिन पहले पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। अंधेरे की आड़ में आए बदमाशों ने सुमन कुमार चौधरी के घर में घुसकर लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। हैरत की बात यह रही कि घर में उन्हें केवल दो हजार रुपये ही मिले, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने ऐसा कृत्य किया जिसने पूरे परिवार को मानसिक रूप से झकझोर दिया। घर में मौजूद आकांक्षा उर्फ छोटी के बाल कैंची से काट दिए गए। यह केवल एक शारीरिक हरकत नहीं थी, बल्कि पीड़ित परिवार के अनुसार उनके मनोबल और सुरक्षा की भावना पर गहरा आघात था। इस घटना के बाद से परिवार के सदस्य भयभीत हैं और पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

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रात के सन्नाटे में गूंजा मदद का फोन: घटना के तुरंत बाद पीड़ित सुमन कुमार चौधरी ने रात लगभग तीन बजे डायल-112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही करीब दस मिनट के भीतर पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, आसपास के लोगों से पूछताछ की और मामले की जांच प्रारंभ कर दी। हालांकि, घटना को लेकर कई सवाल अब भी अनुत्तरित हैं, जिनके जवाब तलाशना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। डरहार गांव के लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। नौ जुलाई की देर शाम इसी गांव में होम्योपैथिक चिकित्सक पवन कुमार मिश्रा के घर भी एक भीषण डकैती हुई थी। उस वारदात ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया था। बताया गया था कि बदमाशों ने चिकित्सक की बहू करिश्मा कुमारी के साथ मारपीट की, उनके बाल काट दिए और उन्हें इंजेक्शन देकर बेहोश करने के बाद लाखों रुपये के आभूषण और नकदी लूटकर फरार हो गए थे। उस सनसनीखेज डकैती का खुलासा आज तक नहीं हो सका है। अब, ठीक उसी गांव में एक बार फिर एक युवती के बाल काटे जाने की घटना ने ग्रामीणों के मन में कई आशंकाओं को जन्म दे दिया है। दोनों घटनाओं में कुछ समानताएं दिखाई देने के कारण लोग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं, हालांकि इन दोनों मामलों के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि पुलिस द्वारा नहीं की गई है।

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क्या किसी गिरोह ने गांव को बनाया है निशाना: लगातार दो बड़ी घटनाओं के बाद गांव में भय का वातावरण और गहरा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब रात होते ही लोग अपने दरवाजों पर अतिरिक्त ताले लगा रहे हैं, परिवार के सदस्य पूरी रात जागकर पहरा दे रहे हैं और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के मन में असुरक्षा की भावना घर कर गई है। हर कोई एक ही सवाल पूछ रहा है। क्या डरहार गांव किसी संगठित अपराधी गिरोह के निशाने पर है, या फिर यह महज संयोग है... इन सवालों के जवाब अभी जांच के दायरे में हैं। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में रोष भी बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि पहली बड़ी डकैती का समय रहते खुलासा हो जाता और अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाता, तो संभव है कि दूसरी घटना नहीं होती। ग्रामीणों ने क्षेत्र में नियमित रात्रि गश्ती बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने तथा अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।

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पुलिस के सामने बड़ी चुनौती: लगातार दूसरी वारदात ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पहली घटना का खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है और इसी बीच दूसरी घटना ने जांच एजेंसियों के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। पुलिस अब दोनों मामलों के हर पहलू की जांच कर रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। आज डरहार गांव में केवल एक घर नहीं, बल्कि पूरा गांव डरा हुआ है। शाम ढलते ही गलियां सुनसान हो जाती हैं। हल्की सी आहट भी लोगों को चौंका देती है। माता-पिता अपने बच्चों को जल्दी घर बुला लेते हैं और महिलाएं भय के साये में जीवन जीने को मजबूर हैं। लगातार दो घटनाओं ने गांव के सामान्य जीवन को असामान्य बना दिया है। लोग चाहते हैं कि अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कानून के कठघरे में लाया जाए, ताकि गांव एक बार फिर भय नहीं, बल्कि विश्वास और सुरक्षा के माहौल में सांस ले सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। दोनों घटनाओं के संबंध में जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इनके पीछे कौन लोग हैं और क्या दोनों वारदातों के बीच कोई संबंध है।