आस्था के आँगन में रक्त की लकीरें...! जहाँ गूँजनी थी घंटियों की ध्वनि, वहाँ पसरा था मौत का सन्नाटा; दरभंगा पुलिस ने 06 घंटे में बेनकाब किया हत्यारा
दरभंगा जिले के सकतपुर थाना क्षेत्र के उजान कनकपुर स्थित काली मंदिर परिसर में घटी एक निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। एक सामान्य-सा प्रतीत होने वाला आर्थिक विवाद देखते ही देखते रक्तरंजित संघर्ष में परिवर्तित हो गया और एक व्यक्ति की जीवन-लीला समाप्त हो गई। परंतु इस हत्याकांड की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दरभंगा पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण तथा त्वरित पूछताछ के आधार पर मात्र छह घंटे के भीतर इस रहस्यमयी हत्या की परतें खोलते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पढ़े पूरी रिपोर्ट.....
दरभंगा: दरभंगा जिले के सकतपुर थाना क्षेत्र के उजान कनकपुर स्थित काली मंदिर परिसर में घटी एक निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। एक सामान्य-सा प्रतीत होने वाला आर्थिक विवाद देखते ही देखते रक्तरंजित संघर्ष में परिवर्तित हो गया और एक व्यक्ति की जीवन-लीला समाप्त हो गई। परंतु इस हत्याकांड की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि दरभंगा पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान, सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण तथा त्वरित पूछताछ के आधार पर मात्र छह घंटे के भीतर इस रहस्यमयी हत्या की परतें खोलते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

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सुबह मिली सूचना, मंदिर परिसर से बरामद हुआ शव: 14 जुलाई 2026 की सुबह लगभग 7:35 बजे पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि सकतपुर थाना क्षेत्र के उजान कनकपुर स्थित काली मंदिर के समीप एक व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। मृतक की पहचान मनोज कुमार ठाकुर उर्फ़ 'लाडेन' (38 वर्ष), पिता स्वर्गीय मनेश्वर ठाकुर, निवासी उजान कनकपुर के रूप में हुई।यह सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस दल घटनास्थल पर पहुँचा। मंदिर परिसर को तत्काल सुरक्षा घेरे में लिया गया ताकि कोई भी महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट न हो। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) भेज दिया। इसी दौरान एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्यों का सूक्ष्म संकलन किया। हर रक्तचिह्न, प्रत्येक पदचिह्न तथा घटनास्थल पर उपलब्ध हर संकेत को अत्यंत सावधानी से सुरक्षित किया गया।

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परिजनों की शिकायत के बाद हत्या का मामला दर्ज: पोस्टमार्टम एवं अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत मृतक के परिजन संतोष कुमार के आवेदन के आधार पर सकतपुर थाना कांड संख्या 93/26 दर्ज किया गया। प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के अंतर्गत हत्या का मामला पंजीकृत कर पुलिस ने अज्ञात अपराधी की तलाश प्रारंभ कर दी। शुरुआत में यह मामला पूरी तरह रहस्य से घिरा हुआ था। घटनास्थल पर प्रत्यक्षदर्शी नहीं थे और हत्यारा अंधेरे का लाभ उठाकर गायब हो चुका था।

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CCTV फुटेज ने खोला रहस्य का पहला द्वार: जाँच अधिकारियों ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू की। यहीं से पूरे घटनाक्रम ने नया मोड़ लिया। फुटेज में सामने आया कि 13 जुलाई 2026 की रात लगभग 10:45 बजे मृतक मनोज कुमार ठाकुर उर्फ़ लाडेन और किशुन कामती (50 वर्ष) के बीच काली मंदिर परिसर में तीखी कहासुनी और झगड़ा हुआ था। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया था कि वहाँ उपस्थित कुछ स्थानीय लोगों को हस्तक्षेप कर मामला शांत कराना पड़ा। पुलिस के लिए यही पहला महत्वपूर्ण सुराग था।

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लकड़ी का डंडा... और फिर खाली हाथ लौटता वही व्यक्ति: सीसीटीवी फुटेज की अगली कड़ी ने पुलिस को और भी चौंका दिया। फुटेज में रात लगभग 11:51 बजे एक व्यक्ति हाथ में लकड़ी का डंडा लेकर मंदिर की ओर जाता दिखाई दिया। जाँच में उसकी पहचान किशुन कामती के रूप में हुई। इसके बाद अगली रिकॉर्डिंग में रात लगभग 12:15 बजे वही व्यक्ति वापस लौटता दिखाई देता है, लेकिन इस बार उसके हाथ में कोई डंडा नहीं था। यही दृश्य पुलिस के लिए सबसे बड़ा संकेत बन गया।जाँच अधिकारियों ने इन दोनों फुटेज की समय-सारिणी का मिलान किया और संदेह पूरी तरह किशुन कामती पर केंद्रित हो गया।

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पूछताछ में टूटा आरोपी, कबूल कर लिया पूरा सच: पुलिस ने बिना समय गंवाए संदिग्ध किशुन कामती को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ शुरू की। लगातार पूछताछ के दौरान आरोपी मानसिक दबाव में आ गया और अंततः उसने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका और मृतक का पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। रात में दोनों के बीच पहले झगड़ा हुआ। बाद में आरोपी ने गुस्से में लकड़ी का डंडा उठाया और मृतक के सिर पर कई वार कर दिए। गंभीर चोट लगने के कारण मनोज कुमार ठाकुर की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।

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गिरफ्तार आरोपी की पहचान: पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी की पहचान... किशुन कामती (50 वर्ष) पिता- कुईरा कामती निवासी- उजान गढ़टोल, थाना सकतपुर, जिला दरभंगा.... के रूप में की गई है। उसे न्यायिक प्रक्रिया के तहत न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेजने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। इस पूरे हत्याकांड के उद्भेदन में सकतपुर थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई निर्णायक साबित हुई। छापेमारी एवं अनुसंधान दल में शामिल रहे.... थानाध्यक्ष अरविन्द कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक चार्ली कुमारी, सिपाही हरि शंकर कुमार, महिला सिपाही शिवानी कुमारी, महाल चौकीदार शम्भु कुमार.... महाल चौकीदार परितोष कुमार। इन सभी अधिकारियों एवं कर्मियों ने तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक अनुसंधान और सतत पूछताछ के माध्यम से मात्र छह घंटे के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझाकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

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काली मंदिर की वह रात केवल एक हत्या की कहानी नहीं, बल्कि यह इस कटु सत्य का भी प्रतीक है कि क्षणिक क्रोध, आर्थिक विवाद और अनियंत्रित आवेश कभी-कभी एक पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ देते हैं। जिस मंदिर परिसर में श्रद्धा, शांति और आस्था की ज्योति जलनी चाहिए थी, वहीं उसी रात हिंसा की भयावह छाया ने एक परिवार से उसका सहारा छीन लिया। दूसरी ओर, पुलिस की त्वरित तकनीकी जाँच, सीसीटीवी विश्लेषण और वैज्ञानिक अनुसंधान ने यह भी सिद्ध किया कि आधुनिक अपराध अनुसंधान के सामने अपराधी अधिक समय तक अपने अपराध को छिपा नहीं सकता। यह घटना समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है कि आर्थिक विवादों का समाधान कानून और संवाद से होना चाहिए, क्योंकि क्रोध का एक क्षण जीवनभर का पश्चाताप बन सकता है।
