Last seen: 1 day ago
मिथिला जन जन की आवाज सत्य, साहस और जनविश्वास का वह सशक्त डिजिटल मंच है, जहाँ हर समाचार केवल सूचना नहीं, बल्कि समाज की धड़कनों का प्रामाणिक प्रतिबिंब बनकर आपके समक्ष प्रस्तुत होता है। हमारी प्रतिबद्धता निष्पक्ष, निर्भीक, तथ्यपरक और जनोन्मुख पत्रकारिता के प्रति है। राजनीति, अपराध, शिक्षा, प्रशासन, संस्कृति, खेल और जनसरोकार से जुड़े प्रत्येक महत्वपूर्ण विषय पर हमारी पैनी दृष्टि रहती है। हम सनसनी नहीं, सत्य; अफवाह नहीं, प्रमाण; और पक्षपात नहीं, निष्पक्षता को अपनी पहचान मानते हैं। प्रत्येक खबर गहन पड़ताल, विश्वसनीय तथ्यों और नैतिक पत्रकारिता के मानकों पर आधारित होती है। आपका विश्वास हमारी सबसे बड़ी शक्ति, आपकी सहभागिता हमारी प्रेरणा और जनहित हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मिथिला जन जन की आवाज़ केवल समाचार नहीं, बल्कि समाज की चेतना, लोकतंत्र की सजग अभिव्यक्ति और हर आम नागरिक की बुलंद आवाज है।
जब किसी शहर की सड़कों पर धूप उतरती है, तो वहां सिर्फ गर्मी नहीं उतरती — उतरती है...
कभी लोककथा के वीरों की भांति खाकी वर्दी पहनने वाले नौजवान जब पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों...
कभी-कभी एक छोटी सी घटना, एक मामूली सी चिंगारी, समूचे जीवन को तहस-नहस कर देती है।...
जहाँ कभी रातों को डर और अशांति के साये गहरे होते थे, वहीं दीपक कुमार के आते ही एक...
24 अप्रैल 2025 की संध्या... दरभंगा की हवाओं में कुछ अलग था। वो शोक का वक़्त था,...
मोरो थाना क्षेत्र के बसुआरा गांव के निकट एक तेज रफ्तार वाहन के नीचे आकर बाइक सवार...
कभी मिथिला की धरती से विद्वानों ने दुनिया को ज्ञान का प्रकाश दिया था, आज उसी धरती...
रविवार की सुबह दरभंगा के डीएमसीएच अस्पताल में कुछ नहीं टूटा ना दरवाज़ा, ना हथकड़ी,...
एक बार फिर मिथिला शर्मिंदा हुई है। एक बार फिर दरभंगा की पुलिस व्यवस्था सवालों के...
जब किसी संस्था के शीर्ष पर एक जागरूक, संवेदनशील और संकल्पशील व्यक्तित्व आ बैठता...
शहर वही है... गंध वही... गलियों में उठते धुएं भी वही... पर इस बार फिज़ा में एक सख्त...
शाम की हवा में जब गुलाब की पंखुड़ियाँ महकीं और रसोई से उठती सौंधी महक ने आकाश को...
कभी-कभी कलम तलवार से भी ज़्यादा असर करती है। और जब उस कलम में भावना, दर्द और ज़मीन...
जहाँ न्याय का मंदिर है, वहीं झूठ का घंटा भी बज सकता है — यह किसी व्यंग्य लेखक की...
कुछ पद होते हैं, जो सिर्फ कुर्सी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और जवाबदेही की परिभाषा बन...
यह सिर्फ एक साइबर ठगी नहीं, यह विश्वास की हत्या थी। दरभंगा की गलियों में नहीं, बल्कि...