दरभंगा की शैक्षिक गगन में नवोदित नक्षत्र: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के सात शिक्षकों का प्रधानाचार्य पद पर चयन
ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू), दरभंगा के लिए यह एक स्वर्णिम अध्याय का प्रारंभ है। बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग, पटना द्वारा हाल ही में घोषित प्रधानाचार्य पद की चयन सूची में विश्वविद्यालय के सात विद्वानों ने अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इस सौभाग्यशाली समाचार के साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में उल्लास और गर्व की लहर दौड़ पड़ी है. पढ़े पुरी खबर........

दरभंगा: ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू), दरभंगा के लिए यह एक स्वर्णिम अध्याय का प्रारंभ है। बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग, पटना द्वारा हाल ही में घोषित प्रधानाचार्य पद की चयन सूची में विश्वविद्यालय के सात विद्वानों ने अपनी अमिट छाप छोड़ी है। इस सौभाग्यशाली समाचार के साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में उल्लास और गर्व की लहर दौड़ पड़ी है।
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इन चयनित शिक्षकों में चार ने सामान्य श्रेणी के अंतर्गत शीर्ष दस में स्थान पाकर अपनी प्रखर प्रतिभा का परिचय दिया है। पीजी गणित विभाग के प्रोफेसर प्रो. नवीन कुमार अग्रवाल, जो वर्तमान में बिहार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद में शैक्षणिक सलाहकार और नैक के राज्य नोडल पदाधिकारी के रूप में कर्तव्यनिष्ठा से कार्यरत हैं, इस सूची में अग्रणी हैं। उनके साथ पीजी हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आनंद प्रकाश गुप्ता, जो पूर्व में उप परीक्षा नियंत्रक रह चुके हैं, समस्तीपुर महिला कॉलेज की विदुषी डॉ. सुनीता, और आरबी कॉलेज, दलसिंहसराय के डॉ. संजय कुमार झा ने भी शीर्ष दस में अपनी उपस्थिति दर्ज की है।
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इसके अतिरिक्त, पीजी संस्कृत विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. जीवानन्द झा, मारवाड़ी कॉलेज के प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. विनोद बैठा (एससी कोटि), और मधुबनी के वाणिज्य क्षेत्र के प्रबुद्ध शिक्षक डॉ. नंद कुमार भी इस सम्मान के भागी बने हैं। ये सातों विद्वान अब स्थायी प्रधानाचार्य के रूप में अपनी विद्या और विवेक से शैक्षिक क्षेत्र को समृद्ध करेंगे।
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यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता का परिचायक नहीं, अपितु दरभंगा के शैक्षिक क्षितिज पर एक नवीन प्रकाशपुंज का उदय है। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं और कर्मियों में इस गौरवमयी क्षण को लेकर अपार हर्ष व्याप्त है। एलएनएमयू का यह यशोगान बिहार के उच्च शिक्षा के परिदृश्य में एक प्रेरक संदेश बनकर उभरा है, जो ज्ञान और कर्तव्यपरायणता की अनुपम मिसाल प्रस्तुत करता है।