दरभंगा BDO के खिलाफ EOU का सबसे बड़ा वार! पांच ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, 1.71 करोड़ की कथित अतिरिक्त संपत्ति से सनसनी; आभूषणों के बिल से ATM कार्ड तक, जानिए क्या-क्या बरामद हुआ....
बिहार के दरभंगा जिले में मंगलवार का दिन प्रशासनिक महकमे के लिए उस समय सनसनीखेज बन गया, जब बहादुरपुर प्रखंड में तैनात प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) डॉ. आनंद कुमार विभूति के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक साथ कई ठिकानों पर अपना शिकंजा कस दिया। सुबह शुरू हुई यह कार्रवाई करीब पांच घंटे तक चली और दरभंगा से लेकर पटना, मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण तक स्थित उनके ठिकाने जांच एजेंसी की निगरानी में रहे. पढ़े पूरी खबर.....
दरभंगा। बिहार के दरभंगा जिले में मंगलवार का दिन प्रशासनिक महकमे के लिए उस समय सनसनीखेज बन गया, जब बहादुरपुर प्रखंड में तैनात प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) डॉ. आनंद कुमार विभूति के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने एक साथ कई ठिकानों पर अपना शिकंजा कस दिया। सुबह शुरू हुई यह कार्रवाई करीब पांच घंटे तक चली और दरभंगा से लेकर पटना, मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण तक स्थित उनके ठिकाने जांच एजेंसी की निगरानी में रहे। EOU की इस कार्रवाई के बाद मामला केवल एक अधिकारी के आवास की तलाशी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कथित आय से अधिक संपत्ति के उस गंभीर आरोप तक पहुंच गया है, जिसमें जांच एजेंसी ने 1 करोड़ 71 लाख 84 हजार रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने का प्रथमदृष्टया साक्ष्य मिलने का दावा किया है। EOU के अनुसार यह कथित संपत्ति उनकी ज्ञात आय से लगभग 121.87 प्रतिशत अधिक है। यही आंकड़ा अब इस पूरे मामले का सबसे बड़ा और सबसे गंभीर पहलू बनकर सामने आया है।

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पांच ठिकानों पर एक साथ उतरी EOU की टीमें: आर्थिक अपराध इकाई ने विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना से तलाशी अधिपत्र प्राप्त करने के बाद पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में कार्रवाई शुरू की। EOU के मुताबिक मंगलवार सुबह डॉ. आनंद कुमार विभूति के कुल पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया। इनमें पूर्वी चंपारण के चिरैया थाना क्षेत्र स्थित लालबेगिया का पैतृक आवास, पटना के दानापुर थाना क्षेत्र के आशोपुर स्थित साई विहार अपार्टमेंट का फ्लैट, दरभंगा के बहादुरपुर स्थित कार्यालय कक्ष, बहादुरपुर स्थित सरकारी आवास, मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र स्थित निजी आवास शामिल हैं। एक साथ पांच स्थानों पर हुई इस कार्रवाई ने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी।

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करीब पांच घंटे बाद खत्म हुई दरभंगा में तलाशी: दरभंगा स्थित BDO के आवास पर EOU की टीम ने करीब पांच घंटे तक तलाशी ली। तलाशी समाप्त होने के बाद EOU के DSP मिथिलेश कुमार जायसवाल ने मीडिया से बातचीत में कार्रवाई से जुड़ी अहम जानकारी साझा की। DSP के मुताबिक, दरभंगा स्थित आवास की तलाशी के दौरान तनिष्क समेत कई ब्रांडेड कंपनियों से खरीदे गए आभूषणों से संबंधित कागजात मिले हैं। जांच टीम को इन कीमती आभूषणों से जुड़े बिल और अन्य दस्तावेज मिले हैं, जिनका अब आकलन किया जा रहा है। हालांकि, केवल बिल या दस्तावेज की बरामदगी अपने आप में अवैध संपत्ति साबित नहीं करती। इन दस्तावेजों का कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले से वास्तविक संबंध क्या है, इसका निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही होगा। तलाशी के दौरान जांच टीम को कई बैंकों के ATM कार्ड और बैंकिंग से संबंधित विवरण भी मिलने की बात सामने आई है।EOU अब इन बैंक खातों और संबंधित वित्तीय दस्तावेजों की पड़ताल कर सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अधिकारी की घोषित आय, बैंकिंग गतिविधियों और कथित संपत्ति के बीच कोई असामान्य अंतर है या नहीं। यही वह बिंदु है जहां से जांच की तस्वीर और गहरी हो सकती है...क्योंकि अब केवल मकान या जेवरात के कागजात ही नहीं, बल्कि बैंकिंग दस्तावेज भी जांच के दायरे में आ गए हैं।

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घर में पत्नी मौजूद, BDO खुद नहीं मिले: तलाशी के दौरान BDO की पत्नी घर में मौजूद थीं, लेकिन डॉ. आनंद कुमार विभूति स्वयं वहां मौजूद नहीं थे। EOU के DSP मिथिलेश कुमार जायसवाल के मुताबिक, अधिकारी को कई बार फोन कर मौके पर बुलाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह EOU की टीम के सामने उपस्थित नहीं हुए। इस घटनाक्रम ने कार्रवाई को और चर्चा में ला दिया है। हालांकि, उनके मौके पर मौजूद नहीं होने के कारणों को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई निष्कर्ष निकालना अभी जल्दबाजी होगी। EOU के मुताबिक, डॉ. आनंद कुमार विभूति के खिलाफ मिली शिकायत और आय से अधिक संपत्ति से संबंधित सूचना के आधार पर सत्यापन किया गया। सत्यापन के बाद जांच एजेंसी ने दावा किया कि अधिकारी की ज्ञात और वैध आय के मुकाबले करीब ₹1.71 करोड़ की संपत्ति अधिक पाई गई। इसके बाद आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या 21/26, दिनांक 07 सितंबर 2026, के तहत मामला दर्ज किया गया। प्राथमिकी में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की संशोधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। विशेष न्यायालय से तलाशी अधिपत्र मिलने के बाद मंगलवार को पांच ठिकानों पर यह कार्रवाई शुरू हुई।

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दो महीने पहले ही बहादुरपुर आए थे BDO: इस पूरे घटनाक्रम का एक अहम पहलू यह भी है कि डॉ. आनंद कुमार विभूति को करीब दो महीने पहले मुजफ्फरपुर जिले के कांटी प्रखंड से स्थानांतरित कर बहादुरपुर प्रखंड में BDO के पद पर तैनात किया गया था। बहादुरपुर में उनकी तैनाती को अभी ज्यादा समय भी नहीं बीता था कि आर्थिक अपराध इकाई की कार्रवाई ने पूरे प्रखंड प्रशासन को सवालों के घेरे में ला दिया है। हालांकि, EOU की जांच में सामने आने वाली संपत्तियों का संबंध किस अवधि से है और वे कब अर्जित की गईं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। EOU की टीम ने केवल आवास तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी। बहादुरपुर स्थित BDO के कार्यालय कक्ष में भी तलाशी ली गई। कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की गई। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में किसी सरकारी रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज या अन्य सामग्री से कोई महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ती है या नहीं। आवास, कार्यालय और दूसरे जिलों में मौजूद ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई का उद्देश्य कथित संपत्ति और आय से जुड़े विभिन्न पहलुओं को एक साथ खंगालना माना जा रहा है।

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अब दस्तावेजों की जांच खोलेगी असली राज: फिलहाल EOU के हाथ लगे दस्तावेजों और सामानों का मूल्यांकन और सत्यापन किया जा रहा है। तनिष्क समेत ब्रांडेड कंपनियों के आभूषणों के बिल, बैंक ATM कार्ड, बैंकिंग विवरण और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि इनमें से कौन-सी संपत्ति अधिकारी की घोषित आय से संबंधित है और कौन-सी संपत्ति EOU के आरोपों के दायरे में आती है। जांच एजेंसी के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि ज्ञात आय और कथित संपत्ति के बीच इतना बड़ा अंतर आखिर कैसे बना। EOU के DSP मिथिलेश कुमार जायसवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में शिकायतकर्ता की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखना जांच प्रक्रिया का हिस्सा है, इसलिए शिकायत करने वाले व्यक्ति का नाम बताना उचित नहीं होगा।

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एक BDO स्तर के अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध इकाई की ऐसी व्यापक कार्रवाई ने दरभंगा के प्रशासनिक गलियारे में हलचल पैदा कर दी है। सुबह पांच ठिकानों पर एक साथ शुरू हुई कार्रवाई से लेकर करीब पांच घंटे बाद दरभंगा में तलाशी समाप्त होने तक हर कदम पर लोगों की निगाहें टिकी रहीं। लेकिन इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा अध्याय अभी बाकी है। EOU के अनुसार 1.71 करोड़ रुपये की कथित आय से अधिक संपत्ति, 121.87 प्रतिशत का अंतर, पांच ठिकानों पर एक साथ तलाशी, ब्रांडेड आभूषणों के दस्तावेज और कई बैंकों के ATM कार्ड....इन सभी कड़ियों को जोड़कर जांच एजेंसी अब आगे की तस्वीर तैयार करेगी। तलाशी में मिले दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों के विस्तृत सत्यापन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित आय से अधिक संपत्ति का वास्तविक स्वरूप क्या है और इस मामले में आगे कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल दरभंगा से उठी EOU की यह कार्रवाई पूरे प्रशासनिक तंत्र के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत बनकर सामने आई है।
