दरभंगा में चैती नवरात्रि का उल्लास छिन्न-भिन्न: श्रद्धा पर साजिश, दरभंगा में आस्था लहूलुहान, 6 बंदी, 45 पर प्रकरण, आस्था की सुरक्षा बनाम विधि का राज
बिहार के दरभंगा जनपद में चैती नवरात्रि के प्रथम दिवस, रविवार को, एक दु:खद घटना ने समूचे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। कुशेश्वरस्थान थानांतर्गत पछियारी ग्राम में, दुर्गा मंदिर से कलश स्थापना के पश्चात् लौटती श्रद्धालुओं की पवित्र यात्रा पर एक विशिष्ट समुदाय के कुछ व्यक्तियों ने पाषाण प्रहार किया। इस संकटपूर्ण घटना ने शांतिपूर्ण उत्सव को मलिन कर दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 6 व्यक्तियों को बंदी बनाया. पढ़े पुरी खबर.......

दरभंगा: बिहार के दरभंगा जनपद में चैती नवरात्रि के प्रथम दिवस, रविवार को, एक दु:खद घटना ने समूचे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया। कुशेश्वरस्थान थानांतर्गत पछियारी ग्राम में, दुर्गा मंदिर से कलश स्थापना के पश्चात् लौटती श्रद्धालुओं की पवित्र यात्रा पर एक विशिष्ट समुदाय के कुछ व्यक्तियों ने पाषाण प्रहार किया। इस संकटपूर्ण घटना ने शांतिपूर्ण उत्सव को मलिन कर दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 6 व्यक्तियों को बंदी बनाया, वहीं 45 नामांकित अभियुक्तों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की संनादत्त धाराओं में प्रकरण पंजीकृत किया।
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घटना का दृश्य और उत्पत्ति: साक्षियों के वर्णनानुसार, नवरात्रि के प्रारंभिक दिन पछियारी के दुर्गा मंदिर में कलश स्थापना का पावन कार्य संपन्न हुआ। तत्पश्चात् श्रद्धालु शांत चित्त से अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर रहे थे, जब अकस्मात् मोहम्मद अलाउद्दीन के गृह की छत से पत्थरों की वर्षा प्रारंभ हुई। उस छत पर कुछ अन्य लोग भी संनादत्त थे, जिससे यह संदेह प्रबल होता है कि यह आक्रमण पूर्वनियोजित था। पुलिस के कथनानुसार, यह विवाद एक तुच्छ कारण—मुर्गी को दंड से प्रहार—से उत्पन्न हुआ, जो शनै: शनै: हिंसक रूप ले बैठा।
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होली से संचित संताप: केवटगामा पंचायत के भूतपूर्व मुखिया आलोक कुमार, जो विकास कुमार के नाम से भी विख्यात हैं, ने इस घटना को पूर्व संचित संताप का परिणाम बताया। उनके शब्दों में, "होली के पावन दिन भी ग्राम में एक विशिष्ट समुदाय ने आक्रमण किया था, जिसमें 5-6 ग्रामीण घायल हुए थे। उस समय थाने में अभियुक्तों को पीआर बंधन पर मुक्त कर दिया गया, जिसके पश्चात् यह संताप और प्रचंड हुआ।" यह कथन संकेत करता है कि यह घटना अकस्मिक नहीं, अपितु दीर्घकालिक वैमनस्य का परिणाम थी।
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प्रशासन की संनादत्तता और वर्तमान शांति: घटना की सूचना प्राप्त होते ही पुलिस प्रशासन सजग हुआ और स्थिति को संनादत्त कर लिया। पुलिस अधीक्षक ने सूचित किया कि 6 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है और 45 नामांकित व्यक्तियों के विरुद्ध विधिवत प्रकरण दर्ज हुआ है। ग्राम में अतिरिक्त बल तैनात कर शांति स्थापित की गई है। प्रशासन ने आश्वस्त किया कि इस प्रकरण की गहन अनुसंधान होगी और दोषियों को दंड का भागी बनाया जाएगा।
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जनाक्रोश और अपेक्षाएं: इस घटना ने ग्रामीणों के हृदय में आक्रोश की ज्वाला प्रज्ज्वलित कर दी। जनमानस ने प्रशासन से शांति की पुनर्स्थापना के साथ-साथ अपराधियों पर कठोर दंड की मांग की है। क्षेत्र में पूर्व से विद्यमान सांप्रदायिक संताप को देखते हुए यह घटना चिंता का विषय बन गई। लोग प्रश्न उठा रहे हैं कि क्या प्रशासन पूर्व की घटनाओं से शिक्षा ग्रहण कर इस संकट को टालने में असमर्थ रहा?
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वर्तमान में पुलिस और जिला प्रशासन की दृष्टि ग्राम पर संनादत्त है, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। इस प्रकरण में अगली कार्रवाई और अनुसंधान के परिणाम समय के गर्भ में हैं, जो शीघ्र ही प्रकट होंगे।