निस्ता की उस रात में आखिर क्या छिपा था? लड़की की तलाश से शुरू हुआ घटनाक्रम, गांव के विरोध के बाद बदली कहानी; DSP के बयान ने खोले नए सवाल।

सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के निस्ता गांव में बुधवार रात एक नाबालिग लड़की की तलाश में पहुंची डायल-112 की टीम को लेकर सामने आई घटना ने पुलिस महकमे से लेकर स्थानीय स्तर तक हलचल पैदा कर दी। प्रारंभिक जानकारी में पुलिस टीम के घिरने, विरोध के उग्र होने, लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चलने, पुलिसकर्मियों के घायल होने तथा मौके पर मौजूद पत्रकार के साथ मारपीट की बात सामने आई थी. पढ़े पूरी खबर.....

निस्ता की उस रात में आखिर क्या छिपा था? लड़की की तलाश से शुरू हुआ घटनाक्रम, गांव के विरोध के बाद बदली कहानी; DSP के बयान ने खोले नए सवाल।
AI तस्वीर: घटना का सांकेतिक चित्रण

दरभंगा/सिंहवाड़ा। सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के निस्ता गांव में बुधवार रात एक नाबालिग लड़की की तलाश में पहुंची डायल-112 की टीम को लेकर सामने आई घटना ने पुलिस महकमे से लेकर स्थानीय स्तर तक हलचल पैदा कर दी। प्रारंभिक जानकारी में पुलिस टीम के घिरने, विरोध के उग्र होने, लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर चलने, पुलिसकर्मियों के घायल होने तथा मौके पर मौजूद पत्रकार के साथ मारपीट की बात सामने आई थी। लेकिन अब इस पूरे घटनाक्रम पर दरभंगा पुलिस की ओर से आधिकारिक वीडियो बयान जारी किया गया है, जिसमें सदर-2 डीएसपी एस.के. सुमन ने घटना की तस्वीर को अलग बताया है।

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डीएसपी एस.के. सुमन के अनुसार, पुलिस टीम के साथ किसी तरह की हिंसक घटना या क्षति नहीं हुई। उनके मुताबिक गांव में पुलिस की कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध किया था, जिसे समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया। इसके बाद डायल-112 की टीम लौट गई। हालांकि, लड़की के कुछ परिजन गांव में रुके हुए थे और उनके साथ ग्रामीणों द्वारा कथित तौर पर धक्का-मुक्की की सूचना मिली। पुलिस को जानकारी मिलने के बाद गश्ती टीम भेजकर संबंधित लोगों को वहां से लाया गया। यानी, एक तरफ घटनास्थल से जुड़े शुरुआती दावों में स्थिति को काफी गंभीर बताया गया, जबकि दूसरी तरफ अब पुलिस के आधिकारिक बयान में पुलिस टीम पर हमले, पुलिसकर्मियों के घायल होने और पुलिस वाहन को क्षति पहुंचने की बात को खारिज किया गया है।

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नाबालिग लड़की की तलाश से शुरू हुआ पूरा घटनाक्रम: पुलिस के अनुसार, मामला मुजफ्फरपुर की रहने वाली एक लड़की से जुड़ा है। पुलिस को सूचना मिली थी कि लड़की प्रेम-प्रसंग के मामले में निस्ता गांव लाई गई है। लड़की के परिजन भी पुलिस टीम के साथ मौजूद थे। सूचना मिलने के बाद डायल-112 की टीम गांव पहुंची। जिस घर में लड़की के होने की सूचना थी, वहां पुलिस ने तलाशी ली। हालांकि, पुलिस के मुताबिक तलाशी के दौरान लड़की वहां नहीं मिली। इसके बाद लड़की के परिजनों द्वारा आसपास के घरों में भी तलाश करने की बात कही गई। पुलिस टीम भी इस संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने इसका विरोध किया। पुलिस के अनुसार, विरोध करने वाले लोगों को समझाया गया और कुछ लोग आक्रोशित होने के बावजूद बाद में शांत हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के बाद डायल-112 की टीम वहां से वापस लौट गई।

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पुलिस बोली कोई घटना नहीं घटी, लेकिन धक्का-मुक्की की सूचना ने बढ़ाया सवाल: सदर-2 डीएसपी एस.के. सुमन ने अपने वीडियो बयान में कहा कि डायल-112 की टीम के साथ कोई घटना नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम के साथ सिर्फ विरोध हुआ था, जिसे समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया।लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। डीएसपी के मुताबिक, लड़की के कुछ परिजन बाद में गांव में ही रुक गए थे और लड़की के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान ग्रामीणों के साथ उनके कथित तौर पर धक्का-मुक्की किए जाने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलने के बाद डीएसपी के निर्देश पर गश्ती टीम को दोबारा मौके पर भेजा गया। पुलिस ने वहां मौजूद संबंधित लोगों को अपने साथ लाया। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस का कहना है कि किसी तरह की बड़ी हिंसक घटना, पुलिसकर्मियों को चोट या पुलिस वाहन को क्षति नहीं पहुंची।

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पहली जानकारी में सामने आई थी पुलिस टीम पर हमले की बात: घटना के शुरुआती विवरण में इससे बिल्कुल अलग तस्वीर सामने आई थी। बताया गया था कि नाबालिग लड़की को बरामद करने पहुंची पुलिस टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया और स्थिति कथित तौर पर इतनी बिगड़ गई कि पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडे तथा ईंट-पत्थरों से हमला किए जाने की बात सामने आई। प्रारंभिक जानकारी में एक एसआई, महिला दारोगा और डायल-112 वाहन के चालक के घायल होने की बात भी कही गई थी। महिला पुलिस अधिकारी की पीठ और एक एसआई के हाथ में चोट लगने तथा चालक की कनपटी पर चोट की जानकारी सामने आई थी। इसी दौरान मौके पर मौजूद पत्रकार के साथ भी कथित मारपीट की बात कही गई थी। हालांकि, इन दावों की पुलिस की ओर से अब पुष्टि नहीं की गई है। इसके विपरीत, दरभंगा पुलिस द्वारा जारी वीडियो में सदर-2 डीएसपी ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि पुलिस टीम के साथ कोई घटना नहीं हुई और कोई क्षति नहीं हुई।

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एक ही रात की घटना, लेकिन दो अलग तस्वीरें: निस्ता गांव की यह घटना अब इसलिए महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि घटनाक्रम को लेकर दो अलग-अलग तस्वीरें सामने आ रही हैं। प्रारंभिक जानकारी में पुलिस टीम पर कथित हमले और पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई। वहीं, दरभंगा पुलिस के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पुलिस टीम के साथ कोई हिंसक घटना नहीं हुई। केवल ग्रामीणों ने विरोध किया, जिन्हें समझाकर शांत कराया गया। बाद में लड़की के परिजनों के साथ ग्रामीणों की धक्का-मुक्की की सूचना पर पुलिस गश्ती टीम भेजी गई। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान, पुलिस टीम की रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध तथ्यों का मिलान महत्वपूर्ण हो जाता है।

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DSP के बयान ने बदल दी घटना की तस्वीर: सदर-2 डीएसपी एस.के. सुमन का बयान सामने आने के बाद इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष स्पष्ट हो गया है। डीएसपी ने कहा कि जिस तरह से घटना को पुलिस टीम पर हमले और नुकसान के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, वह पुलिस के अनुसार सही नहीं है। उन्होंने इसे गलत खबर बताते हुए कहा कि पुलिस टीम के साथ कोई घटना नहीं हुई। पुलिस के इस बयान से शुरुआती दावों और आधिकारिक पुलिस संस्करण के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। हालांकि, लड़की के परिजनों और ग्रामीणों के बीच कथित धक्का-मुक्की की बात पुलिस ने स्वयं स्वीकार की है। इसलिए घटनाक्रम पूरी तरह सामान्य था, ऐसा कहना भी पुलिस के बयान के अनुसार सही नहीं होगा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि लड़की की तलाश के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध क्यों किया? विरोध की वास्तविक स्थिति क्या थी? लड़की के परिजनों के साथ कथित धक्का-मुक्की किन परिस्थितियों में हुई? और शुरुआती तौर पर पुलिस टीम के घायल होने की जो जानकारी सामने आई, उसका आधार क्या था? इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह सामने आ सकेंगे। फिलहाल पुलिस का आधिकारिक पक्ष यह है कि डायल-112 की टीम के साथ कोई हमला या क्षति नहीं हुई। पुलिस के मुताबिक गांव में विरोध हुआ था, जिसे समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया। बाद में लड़की के परिजनों के साथ धक्का-मुक्की की सूचना पर गश्ती टीम भेजी गई और संबंधित लोगों को वहां से लाया गया।

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पुलिस ने जारी किया वीडियो, कहा: भ्रामक खबरों से बचें: दरभंगा पुलिस ने अब इस मामले पर डीएसपी एस.के. सुमन का वीडियो बयान मीडिया के साथ साझा किया है। इस बयान के माध्यम से पुलिस ने घटनाक्रम को लेकर अपना आधिकारिक पक्ष सामने रखा है। ऐसे में निस्ता गांव की रात से जुड़ा यह पूरा मामला अब जांच के दायरे में है। शुरुआती आरोपों और पुलिस के आधिकारिक बयान के बीच जो अंतर सामने आया है, उसे देखते हुए बिना पुष्टि किसी भी दावे को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा। पुलिस के अनुसार, मामले से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जा रहा है और जो तथ्य जांच में सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। निस्ता की उस रात को लेकर फिलहाल दो तस्वीरें सामने हैं...एक शुरुआती सूचना में कथित हिंसक टकराव की और दूसरी दरभंगा पुलिस के आधिकारिक बयान में केवल विरोध एवं धक्का-मुक्की की। अब जांच ही तय करेगी कि घटनास्थल पर वास्तविक घटनाक्रम किस रूप में सामने आया था।

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