दरभंगा की राजनीति और एक बड़े घर के आँगन से आई ऐसी खबर… जिसने सुबह होते ही शहर को चुप कर दिया.....मुंबई से लौट रही है एक आखिरी यात्रा, शाम तक बागमती किनारे उमड़ेगा सैलाब… आखिर क्या हुआ?

मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा से शुक्रवार की सुबह एक अत्यंत दुःखद और मन को व्यथित कर देने वाली खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष एवं दरभंगा नगर विधायक संजय सरावगी की पूज्य माता श्रीमती राधा देवी सरावगी का निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार की सुबह मुंबई स्थित हिंदुजा अस्पताल में अंतिम सांस ली। पिछले कुछ दिनों से वे अस्वस्थ चल रही थीं और बेहतर उपचार के लिए मुंबई में उनका इलाज जारी था. पढ़े पूरी खबर......

दरभंगा की राजनीति और एक बड़े घर के आँगन से आई ऐसी खबर… जिसने सुबह होते ही शहर को चुप कर दिया.....मुंबई से लौट रही है एक आखिरी यात्रा, शाम तक बागमती किनारे उमड़ेगा सैलाब… आखिर क्या हुआ?
दरभंगा की राजनीति और एक बड़े घर के आँगन से आई ऐसी खबर… जिसने सुबह होते ही शहर को चुप कर दिया.....मुंबई से लौट रही है एक आखिरी यात्रा, शाम तक बागमती किनारे उमड़ेगा सैलाब… आखिर क्या हुआ?

दरभंगा। मिथिला की सांस्कृतिक राजधानी दरभंगा से शुक्रवार की सुबह एक अत्यंत दुःखद और मन को व्यथित कर देने वाली खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष एवं दरभंगा नगर विधायक संजय सरावगी की पूज्य माता श्रीमती राधा देवी सरावगी का निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार की सुबह मुंबई स्थित हिंदुजा अस्पताल में अंतिम सांस ली। पिछले कुछ दिनों से वे अस्वस्थ चल रही थीं और बेहतर उपचार के लिए मुंबई में उनका इलाज जारी था। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद अंततः उन्होंने जीवन की अंतिम यात्रा पर प्रस्थान कर लिया, जिससे पूरे परिवार, समर्थकों और दरभंगा शहर में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है।

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परिवारिक सूत्रों के अनुसार श्रीमती राधा देवी सरावगी लगभग 82 वर्ष की थीं। वे लंबे समय से सामाजिक, धार्मिक और पारिवारिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने वाली एक सरल, धर्मपरायण और संवेदनशील महिला के रूप में जानी जाती थीं। उनका व्यक्तित्व शांत, संयमित और सेवा-भाव से परिपूर्ण था। उन्होंने अपने जीवनकाल में न केवल परिवार को स्नेह और संस्कारों की मजबूत डोर में बांधे रखा, बल्कि समाज के विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। उनके निधन की खबर मिलते ही दरभंगा सहित पूरे मिथिला क्षेत्र में शोक और संवेदना का माहौल व्याप्त हो गया।

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बताया जा रहा है कि उनका पार्थिव शरीर शुक्रवार को दोपहर लगभग दो बजे विमान के माध्यम से दरभंगा एयरपोर्ट लाया जाएगा। वहां से अंतिम दर्शन के लिए उनके दरभंगा स्थित आवास पर पार्थिव शरीर रखा जाएगा, ताकि परिजन, समर्थक, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनीतिक हस्तियां एवं आम नागरिक उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें। इसके पश्चात शुक्रवार की ही शाम सतीहारा स्थित बागमती नदी के किनारे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के उपस्थित रहने की संभावना जताई जा रही है।

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श्रीमती राधा देवी सरावगी अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं, जिसमें उनके पति, तीन पुत्र, पुत्रवधू, नाती-पोते सहित स्नेहिल संबंधों की लंबी श्रृंखला शामिल है। परिवार के लोगों ने उन्हें त्याग, सादगी और आस्था की प्रतिमूर्ति बताया है। उनके जीवन की सबसे बड़ी पहचान उनका सेवा-भाव, धार्मिकता और समाज के प्रति समर्पण रहा। वे हर परिस्थिति में धैर्य और संयम का परिचय देती थीं और अपने व्यवहार से लोगों के दिलों में विशेष स्थान बना चुकी थीं।

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उनके निधन की खबर मिलते ही भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं, स्थानीय नेताओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। कई लोगों ने उनके निवास पर पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें एक आदर्श मातृशक्ति बताते हुए कहा कि उनका स्नेह और मार्गदर्शन हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

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इसी क्रम में दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर सहित बीजेपी के कई दिग्गज नेता भी अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से भी उनके निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि राधा देवी सरावगी का स्नेह और आशीर्वाद हमेशा उन्हें मिलता रहा, और उनके निधन से व्यक्तिगत रूप से भी उन्हें अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने संजय सरावगी और उनके परिवार के साथ अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज उनके साथ खड़ा है। दरभंगा शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों और धार्मिक संस्थाओं ने भी शोक संदेश जारी कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। कई स्थानों पर श्रद्धांजलि सभाओं की भी तैयारी की जा रही है, जहां लोग उनके व्यक्तित्व और समाज सेवा के कार्यों को याद करेंगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि राधा देवी सरावगी केवल एक परिवार की सदस्य नहीं थीं, बल्कि समाज की ऐसी मातृशक्ति थीं, जिनकी सादगी और सेवा भावना ने हर वर्ग के लोगों को प्रभावित किया।

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इस दुःखद घटना के बाद दरभंगा के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में भी शोक का माहौल है। लोग लगातार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं। हर कोई इस क्षण को बेहद पीड़ादायक बताते हुए परिवार को संबल देने की बात कर रहा है। राधा देवी सरावगी का जीवन त्याग, आस्था और मानवीय मूल्यों की एक ऐसी मिसाल बनकर रहेगा, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखेंगी। उनका जाना न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए एक गहरी क्षति है। दरभंगा की धरती ने आज एक ऐसी मातृशक्ति को खो दिया है, जिसकी स्मृतियां लंबे समय तक लोगों के दिलों में जीवित रहेंगी।