आखिरकार गिरफ्त में आया धर्म का दरिंदा: कथावाचक के वेश में नाबालिग की अस्मिता रौंदने वाला ‘महाराज’ गिरफ्तार, शादी का झांसा, जबरन संबंध, अबॉर्शन की साजिश और निर्वस्त्र सेवा की हैवानियत का भयावह पर्दाफाश......इस शर्मनाक अध्याय की पूरी रिपोर्ट पढ़िए।
दरभंगा की धरती एक बार फिर शर्मसार है। आस्था, भक्ति और धर्म के नाम पर वर्षों से समाज को उपदेश देने वाले कथावाचक के चेहरे से नकाब उतर चुका है। शनिवार को दरभंगा पुलिस ने जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया, वह कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि वह शख्स है जो भगवा वस्त्र पहनकर प्रवचन देता था, कथा कहता था और खुद को धर्म का दूत बताता था। नाम है श्रवण दास जी महाराज, लेकिन उसके कृत्य किसी दानव से कम नहीं. पढ़े पूरी खबर......
दरभंगा की धरती एक बार फिर शर्मसार है। आस्था, भक्ति और धर्म के नाम पर वर्षों से समाज को उपदेश देने वाले कथावाचक के चेहरे से नकाब उतर चुका है। शनिवार को दरभंगा पुलिस ने जिस व्यक्ति को गिरफ्तार किया, वह कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि वह शख्स है जो भगवा वस्त्र पहनकर प्रवचन देता था, कथा कहता था और खुद को धर्म का दूत बताता था। नाम है श्रवण दास जी महाराज, लेकिन उसके कृत्य किसी दानव से कम नहीं।

17 वर्षीय नाबालिग की जिंदगी को रौंदने, उसकी मासूमियत को कुचलने और भरोसे का गला घोंटने वाला यह कथावाचक आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में है। गिरफ्तारी के वक्त कैमरे के सामने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता दिखा, लेकिन कानून की नजर में अब न तो वह महाराज है और न ही कथावाचक..... वह सिर्फ और सिर्फ पॉक्सो का आरोपी है।

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शादी का झांसा, धर्म का दुरुपयोग और देह का शोषण: पीड़िता, जो अभी नाबालिग है, उसने महिला थाने में दर्ज कराई गई FIR में जो बयान दिया है, वह किसी भी संवेदनशील इंसान की रूह कंपा देने के लिए काफी है। आरोप है कि कथावाचक ने शादी का झांसा देकर नाबालिग के साथ बार-बार यौन शोषण किया। इतना ही नहीं, प्रेग्नेंट होने पर जबरन अबॉर्शन कराया गया, वह भी दवाइयों के जरिए, जिससे बच्ची की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई। यह कोई एक दिन का अपराध नहीं था, बल्कि महीनों तक चलता रहा एक सुनियोजित, क्रूर और मानसिक गुलामी में जकड़ देने वाला अपराध।

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किराएदार बना शिकारी, घर ही बना शिकारगाह: पीड़िता की मां के अनुसार, कथावाचक ने उनके ही घर में किराए पर कमरा लिया। भरोसा था.....आखिर कथावाचक था, महाराज था। लेकिन वही घर, वही दीवारें, वही कमरा नाबालिग के लिए भय और मजबूरी की जेल बन गया। जब घर में कोई नहीं होता, तब कथावाचक अपने असली चेहरे के साथ सामने आता और बच्ची के साथ कथित रूप से घिनौना कृत्य करता।

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दो बार अबॉर्शन, मौत के कगार तक पहुंची बच्ची: शिकायत में कहा गया है कि नाबालिग को दो बार अबॉर्शन की दवा खिलाई गई, जिससे उसकी हालत इतनी बिगड़ गई कि अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ शोषण था, या फिर सबूत मिटाने की साजिश?

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गुरु, मंदिर और साजिश की परछाईं: इस पूरे मामले में श्रीराम जानकी मंदिर और पचाढ़ी स्थान के महंत राम उदित दास उर्फ मौनी बाबा की भूमिका भी जांच के घेरे में है। आरोप है कि जब महंत को इस रिश्ते की जानकारी दी गई, तो उन्होंने कथित रूप से यह कहकर मामले को दबाने की कोशिश की कि लड़की के बालिग होने पर शादी करा दी जाएगी। क्या यह धर्म की आड़ में अपराध को संरक्षण देने की कोशिश थी? क्या मंदिर की दीवारों के भीतर अपराध पनप रहा था?

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पुलिस की घेराबंदी और गिरफ्तारी: महिला थानाध्यक्ष मनीषा कुमारी के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में छिपा हुआ है। सुबह से ही पुलिस ने इलाके में रेकी शुरू की और फिर सुनियोजित रेड के बाद कथावाचक को दबोच लिया गया। एक महीने से पुलिस उसकी तलाश में थी।

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पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज, सलाखों के पीछे जाएगा ‘महाराज’: श्रवण दास के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में पर्याप्त सबूत मिले हैं और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी की जा रही है। यह सिर्फ एक नाबालिग की कहानी नहीं है। यह सवाल है उस समाज से, जो भगवा देखकर आंख मूंद लेता है। यह सवाल है उस व्यवस्था से, जो आस्था के नाम पर अपराधियों को छूट देती रही। और यह चेतावनी है.... धर्म का मुखौटा पहनकर दरिंदगी करने वालों के दिन अब गिने-चुने हैं।
