14 साल पुराना विवाद, रामनवमी की झांकी और न्यायालय की जमानत माया: विधायक मंडल का आत्मसमर्पण और तीन आरोपितों की खारिज जमानत की दास्तान....
न्यायालय की गलियों में बुधवार को एक नया, लेकिन पुराने रंग का नाटक देखने को मिला। करीब 14 वर्ष पुराने आपराधिक मामले में दरभंगा ग्रामीण विधान सभा क्षेत्र के वर्तमान जदयू विधायक राजेश कुमार मंडल उर्फ ईश्वर मंडल ने खुद को कानून की गोद में सौंपा और न्यायालय के सामने आत्मसमर्पण कर जमानत याचिका पेश की. पढ़े पूरी रिपोर्ट......
दरभंगा: न्यायालय की गलियों में बुधवार को एक नया, लेकिन पुराने रंग का नाटक देखने को मिला। करीब 14 वर्ष पुराने आपराधिक मामले में दरभंगा ग्रामीण विधान सभा क्षेत्र के वर्तमान जदयू विधायक राजेश कुमार मंडल उर्फ ईश्वर मंडल ने खुद को कानून की गोद में सौंपा और न्यायालय के सामने आत्मसमर्पण कर जमानत याचिका पेश की।

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अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी राजीव रंजन की अदालत ने विधायक मंडल को न्यायिक अभिरक्षा में लिया और जमानत आवेदन पर सुनवाई कर, जमानत आदेश पारित कर उन्हें आज़ाद कर दिया। विधायक मंडल के लिए यह लंबा इंतजार और कोर्ट की राहें निश्चित ही थकाऊ रही होंगी, लेकिन वकीलों कृष्ण कुमार मिश्र और विवेक कुमार सिंह की सटीक बहस ने मामला आसान बना दिया।

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मामला उस 1 अप्रैल, 2012 का है, जब तत्कालीन नगर थानाध्यक्ष रमेशचंद्र उपाध्याय ने नगर थाना कांड संख्या- 54/12 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। शिकायत में आरोप था कि रामनवमी जुलूस के दौरान विधायक मंडल ने आपत्तिजनक झांकी निकाली और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया। आज, इतने वर्षों बाद, वही मामला कोर्ट में जमानत के साथ एक नया मोड़ ले चुका है। लेकिन न्यायालय की कार्यवाही में ट्विस्ट तब आया जब इसी दिन कोर्ट ने चोरी, नाबालिग के अपहरण और प्राणघातक हमले के मामलों में तीन अन्य आरोपितों की जमानत खारिज कर दी।

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पहला मामला: अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पांडेय की अदालत में नगर थाना कांड संख्या 48/18 के आरोपी इंदल सहनी (मुजफ्फरपुर जिला, बोचहा थाना क्षेत्र, सनाठी गांव) की जमानत याचिका खारिज कर दी गई। आरोप था कि आरोपी ने गैस कटर से एटीएम काटकर 3,67,600 रुपये की चोरी की थी।

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दूसरा मामला: इसी अदालत ने एपीएम थाना कांड संख्या 75/25 के आरोपी मो. मुस्तकीम (अनपट्टी गांव) की नियमित जमानत भी खारिज कर दी। आरोपी पर आरोप था कि उसने शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की का अपहरण किया था।

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तीसरा मामला: अपर सत्र न्यायाधीश नागेश प्रताप सिंह की अदालत ने सदर थाना कांड संख्या 263/25 के आरोपी सकलदीप यादव (वधवा गांव) की जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी पर आरोप था प्राणलेवा हमला करने का। इन तीनों मामलों में जमानत न मिलने का मतलब साफ है कि अब आरोपितों के पास पटना हाईकोर्ट में अर्जी दायर करने का एकमात्र विकल्प बचा है। इस पूरे नाटकीय दिन में एक तरफ विधायक मंडल का आत्मसमर्पण और जमानत, तो दूसरी तरफ गंभीर आरोपों के तहत तीनों आरोपितों की खारिज याचिकाएँ यह दृश्य निश्चित ही न्यायालय की कहानियों में एक ट्विस्ट वाला अध्याय बन गया है। मामले की आगे की गहन पड़ताल और आरोपियों के पटना हाईकोर्ट जाने के रास्ते को लेकर हम लगातार रिपोर्टिंग करते रहेंगे।
