सुबह के अंधेरे में घर से निकला मंगनु… फिर झाड़ियों में मिली लाश, पीठ और पेट पर चाकू के वार; आंखों-सिर पर चोट ने बढ़ाया रहस्य, मोबाइल लूटने वाले आरोपी की धमकी से जुड़ रही हत्या की कड़ी...चार घंटे सड़क पर उबाल, FSL और डॉग स्क्वायड ने खंगाला घटनास्थल
दरभंगा में सुबह घर से निकले 35 वर्षीय मंगनु यादव की हत्या से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। घर से करीब 150 मीटर दूर झाड़ियों में उसका शव मिलने के बाद कई सवाल खड़े हो गए। शरीर पर चाकू के वार और सिर व आंखों पर चोट के निशान मिले हैं। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दोषियों की गिरफ्तारी और परिवार को मुआवजे की मांग की। पुलिस ने एफएसएल और डॉग स्क्वायड की मदद से घटनास्थल की जांच की है। वहीं, एक सप्ताह पहले मोबाइल छीनने के आरोपी को पकड़ने और कथित धमकी देने की घटना ने जांच को नया मोड़ दे दिया है. पढ़े पूरी खबर.....
दरभंगा। बुधवार की सुबह बहेड़ा थाना क्षेत्र के लवानी गांव में सूरज निकलने से पहले एक परिवार के लिए ऐसा भयावह दिन शुरू हुआ, जिसकी कल्पना शायद किसी ने नहीं की थी। करीब पांच बजे 35 वर्षीय मंगनु यादव रोज की तरह घर से निकला था। किसी को क्या पता था कि घर से उसका यह निकलना आखिरी बार होगा। कुछ घंटों बाद उसी युवक का शव घर से महज करीब 150 मीटर की दूरी पर झाड़ियों में पड़ा मिला। इसके बाद गांव में खबर फैली तो मातम के साथ-साथ सवालों का ऐसा सिलसिला शुरू हुआ, जिसका जवाब अब पुलिस की जांच तलाश रही है।

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मृतक की पहचान लवानी गांव निवासी शत्रुघ्न यादव के पुत्र मंगनु यादव के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उसके शरीर पर चाकू से वार के निशान मिले हैं। पीठ पर दो और पेट पर एक वार के निशान बताए गए हैं। इसके अलावा दोनों आंखों और सिर पर गंभीर चोट के निशान भी मिले हैं। इन चोटों ने घटना को और रहस्यमय बना दिया है। आखिर घर से निकलने के बाद मंगनु के साथ ऐसा क्या हुआ? वह किससे मिला? झाड़ियों तक कैसे पहुंचा? और क्या उसकी हत्या किसी पुरानी रंजिश का परिणाम थी या इसके पीछे कोई दूसरी वजह छिपी है? इन सवालों के जवाब अभी जांच के घेरे में हैं।

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सुबह पांच बजे घर से निकला था मंगनु, फिर लौटकर नहीं आया: परिजनों के अनुसार मंगनु यादव बुधवार की सुबह करीब पांच बजे घर से निकला था। काफी समय गुजर गया, लेकिन वह वापस नहीं लौटा। शुरुआत में परिजनों ने इसे सामान्य देरी समझा, लेकिन जब समय बीतता गया तो चिंता बढ़ने लगी। इसके बाद परिजन और ग्रामीण उसकी तलाश में निकल पड़े। गांव के आसपास खोजबीन शुरू हुई। इसी दौरान घर से लगभग 150 मीटर दूर झाड़ियों में मंगनु का शव पड़ा दिखाई दिया। शव मिलने की सूचना कुछ ही देर में पूरे गांव में फैल गई। देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। एक तरफ परिवार अपने जवान बेटे को खोने के सदमे में था, तो दूसरी तरफ गांव के लोगों के सामने एक ही सवाल था....आखिर मंगनु की हत्या किसने और क्यों की?

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शरीर पर चोटों के निशान, घटनास्थल ने बढ़ाई पुलिस की चुनौती: मामले की सूचना मिलते ही बहेड़ा थानाध्यक्ष पंकज कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके की स्थिति का जायजा लिया और वरीय अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए बेनीपुर एसडीपीओ बासुकीनाथ झा भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को जांच के दायरे में लिया। बाद में एफएसएल की टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। डॉग स्क्वायड की सहायता से भी संभावित सुराग तलाशने का प्रयास किया गया। पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जोड़कर उस पूरी कड़ी तक पहुंचना है, जो मंगनु के घर से निकलने से लेकर उसकी मौत तक जाती है।

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एक सप्ताह पुरानी घटना… और अब सामने आया धमकी का एंगल: मंगनु की हत्या के बाद परिजनों ने एक ऐसी घटना की जानकारी पुलिस को दी है, जिसने जांच को एक संभावित दिशा दी है। मृतक के मौसेरे भाई सुरेंद्र यादव के अनुसार, करीब एक सप्ताह पहले मंगनु जिस निजी अस्पताल में काम करता था, उसके आसपास एक व्यक्ति कथित रूप से किसी का मोबाइल छीनकर भाग रहा था। बताया गया कि मंगनु और कुछ स्थानीय लोगों ने मिलकर उस व्यक्ति को पकड़ लिया था। परिजनों के मुताबिक छीना गया मोबाइल भी बरामद कर लिया गया और पकड़े गए व्यक्ति को डायल-112 की टीम के हवाले कर दिया गया था। यहीं से कहानी में एक नया सवाल खड़ा होता है। परिजनों का आरोप है कि उस समय पकड़े गए व्यक्ति ने मंगनु को कथित रूप से अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। अब मंगनु की हत्या के बाद परिवार को आशंका है कि कहीं वही विवाद इस वारदात की वजह तो नहीं बना? हालांकि यह अभी परिजनों की आशंका और आरोप हैं। पुलिस ने इस कड़ी को जांच का हिस्सा बनाया है, लेकिन हत्या का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। यही वह बिंदु है, जिस पर अब पुलिस की निगाहें टिकी हुई हैं।

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चार घंटे सड़क पर रहा आक्रोश: मंगनु की मौत की खबर ने ग्रामीणों को आक्रोशित कर दिया। परिजन और ग्रामीण सड़क पर उतर आए। बहेड़ी-त्रिमुहानी-बहेड़ा पथ पर जरिसो पुल के पास सड़क जाम कर दिया गया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब चार घंटे तक आवागमन बाधित रहा। ग्रामीणों की मांग स्पष्ट थी....हत्या का जल्द खुलासा हो, आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए और मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाए। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। बाद में ग्रामीण एसपी साक्षी कुमारी भी घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत की तथा मामले का जल्द उद्भेदन करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद करीब चार घंटे से जारी सड़क जाम समाप्त कराया जा सका। मंगनु यादव तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। वह निजी अस्पताल में नौकरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। करीब 11 वर्ष पहले उसकी शादी हुई थी। उसके परिवार में पत्नी खुशबू देवी के अलावा एक पुत्र और एक पुत्री हैं। जिस घर से सुबह एक पिता निकला था, उसी घर में कुछ घंटों बाद उसकी मौत की खबर पहुंची। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा है।ग्रामीणों के अनुसार मंगनु मिलनसार स्वभाव का था और गांव में किसी से उसका कोई बड़ा विवाद नहीं था। ऐसे में उसकी हत्या ने ग्रामीणों के बीच कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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दस लाख रुपये मुआवजे की मांग: घटना के बाद ग्रामीणों ने मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। स्थानीय ग्रामीण दिगम्बर यादव ने कहा कि एक नौजवान की हत्या बेहद दुखद और गंभीर घटना है। उन्होंने प्रशासन से जल्द मामले का खुलासा करने, आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि मंगनु परिवार की जिम्मेदारी संभालता था। उसकी मौत के बाद पत्नी और बच्चों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। इसलिए परिवार को मुआवजा दिया जाना चाहिए।

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मंगनु की मौत के बाद जांच कई सवालों के इर्द-गिर्द घूम रही है: सुबह पांच बजे घर से निकलने के बाद मंगनु किससे मिला? क्या वह किसी परिचित के साथ गया था? घर से महज 150 मीटर की दूरी पर उसकी मौत कैसे हुई? क्या हत्या के पीछे पहले हुए मोबाइल छीनने की घटना का कोई संबंध है? क्या धमकी देने वाले व्यक्ति की भूमिका थी या पुलिस को किसी दूसरे एंगल की तलाश करनी होगी? शरीर पर चाकू के वार और सिर व आंखों पर चोटें किस घटनाक्रम की ओर इशारा करती हैं? इनमें से किसी भी सवाल का अंतिम उत्तर अभी सामने नहीं आया है। बेनीपुर एसडीपीओ बासुकीनाथ झा ने बताया कि सड़क पर शव मिलने की सूचना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। परिजनों की ओर से हत्या की आशंका जताई गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाकर जांच कराई गई तथा घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेज दिया गया है। पुलिस परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों सहित घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मंगनु यादव की मौत फिलहाल सिर्फ एक हत्या की घटना नहीं, बल्कि कई अनुत्तरित सवालों की कहानी बन चुकी है। सुबह घर से निकला एक परिवार का सहारा कुछ ही घंटों में हमेशा के लिए लौटकर नहीं आया। झाड़ियों में मिले शव से लेकर घटनास्थल पर जुटाए गए साक्ष्यों तक, हर कड़ी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण है। लेकिन इस पूरी कहानी का सबसे अहम अध्याय अभी बाकी है...मंगनु की हत्या के पीछे असली वजह क्या थी और उस सुबह उसके साथ आखिर हुआ क्या था? इन सवालों का जवाब जांच और साक्ष्यों के सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
