मोबाइल स्क्रीन से उतरता साया, गलियों में पसरा अनकहा भय और हर अभिभावक की आंखों में ठहरता सवाल.....मासूमों के नाम पर उड़ती कहानियों के बीच सच जानने के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़ें, दरभंगा पुलिस की सख्त चेतावनी...

दरभंगा जिले में इन दिनों सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रही अफवाहों ने आम जनमानस के बीच भय, आशंका और अनिश्चितता का ऐसा वातावरण निर्मित कर दिया है, जो किसी भी दृष्टि से समाज के लिए शुभ संकेत नहीं है। बच्चों की चोरी, गुमशुदगी और अपहरण से जुड़ी भ्रामक सूचनाएं, अप्रमाणित वीडियो और उकसाने वाले संदेश जिस तीव्र गति से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित हो रहे हैं, उसने अभिभावकों की नींद उड़ा दी है और आम नागरिकों को मानसिक रूप से अस्थिर कर दिया है. पढ़े पूरी खबर.......

मोबाइल स्क्रीन से उतरता साया, गलियों में पसरा अनकहा भय और हर अभिभावक की आंखों में ठहरता सवाल.....मासूमों के नाम पर उड़ती कहानियों के बीच सच जानने के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़ें, दरभंगा पुलिस की सख्त चेतावनी...
मोबाइल स्क्रीन से उतरता साया, गलियों में पसरा अनकहा भय और हर अभिभावक की आंखों में ठहरता सवाल.....मासूमों के नाम पर उड़ती कहानियों के बीच सच जानने के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़ें, दरभंगा पुलिस की सख्त चेतावनी...

दरभंगा जिले में इन दिनों सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रही अफवाहों ने आम जनमानस के बीच भय, आशंका और अनिश्चितता का ऐसा वातावरण निर्मित कर दिया है, जो किसी भी दृष्टि से समाज के लिए शुभ संकेत नहीं है। बच्चों की चोरी, गुमशुदगी और अपहरण से जुड़ी भ्रामक सूचनाएं, अप्रमाणित वीडियो और उकसाने वाले संदेश जिस तीव्र गति से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित हो रहे हैं, उसने अभिभावकों की नींद उड़ा दी है और आम नागरिकों को मानसिक रूप से अस्थिर कर दिया है।

                                         Advertisement

दिनांक 26 फरवरी 2026 को जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में दरभंगा पुलिस ने इस गंभीर और संवेदनशील विषय पर स्पष्ट शब्दों में चिंता जताते हुए समाज को आगाह किया है। पुलिस के अनुसार, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर बच्चों की गुमशुदगी, चोरी अथवा अपहरण से संबंधित अनेक संदेश, पोस्ट और वीडियो वायरल किए जा रहे हैं, जिनमें से कई तथ्यहीन, अतिरंजित अथवा पूर्णतः असत्य पाए गए हैं। इन भ्रामक सूचनाओं का सबसे खतरनाक पहलू यह है कि वे केवल डर नहीं फैलातीं, बल्कि समाज में अविश्वास, अराजकता और भीड़तंत्र जैसी स्थितियों को जन्म देती हैं। निर्दोष लोगों पर शक, अनावश्यक अफरा-तफरी, और कई बार कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटनाएं इन्हीं अफवाहों की उपज होती हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसी असत्य सूचनाएं आम जनता के मन में पुलिस के प्रति अविश्वास की भावना भी पैदा कर सकती हैं, जो किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत घातक है।

                                          Advertisement

दरभंगा पुलिस ने आम नागरिकों से सख्त अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी प्रकार की सूचना को बिना सत्यापन के न तो साझा करें और न ही आगे फॉरवर्ड करें। विशेष रूप से बच्चों से जुड़े मामलों में भावनाओं में बहकर की गई एक छोटी सी लापरवाही बड़े सामाजिक संकट का रूप ले सकती है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी संदिग्ध सूचना की पुष्टि के लिए नागरिक अपने नजदीकी थाना, जिला पुलिस कंट्रोल रूम अथवा डायल 112 पर तुरंत संपर्क करें। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दरभंगा पुलिस द्वारा ऐसे सभी मामलों पर सतत निगरानी रखी जा रही है। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के माध्यम से वायरल हो रही सूचनाओं की त्वरित जांच की जा रही है और जो भी सूचना सत्य पाई जाती है, उस पर विधिसम्मत और तात्कालिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। वहीं, जो व्यक्ति जानबूझकर अफवाह फैलाने, भय का माहौल बनाने या समाज को गुमराह करने का प्रयास करेगा, उसके विरुद्ध संबंधित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

                                          Advertisement

पुलिस का यह भी कहना है कि अफवाहें केवल शब्द नहीं होतीं, वे एक अदृश्य हथियार की तरह होती हैं, जो समाज की शांति, सौहार्द और सुरक्षा को भीतर से खोखला कर देती हैं। इसी खतरे को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर जन-जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि आम लोग सत्य और असत्य के बीच अंतर समझ सकें और किसी भी भ्रामक संदेश का शिकार न बनें। दरभंगा जिले के नागरिकों से अपील की गई है कि वे संयम, सतर्कता और सामाजिक जिम्मेदारी का परिचय दें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अफवाह या असामान्य सूचना की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, न कि उसे सोशल मीडिया की आग में झोंक दें। भय के वातावरण में लिया गया गलत निर्णय कई बार निर्दोष जीवन को संकट में डाल सकता है।

                                         Advertisement

अंत में दरभंगा पुलिस ने दो टूक शब्दों में कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में डायल-112 पर कॉल करें। पुलिस जनता की सेवा और सुरक्षा के लिए हर समय तत्पर है, लेकिन समाज की सुरक्षा केवल पुलिस से नहीं, बल्कि जागरूक और जिम्मेदार नागरिकों से भी सुनिश्चित होती है। अफवाहों से नहीं, सतर्कता से सुरक्षा संभव है....और यही इस चेतावनी भरी अपील का मूल संदेश है।