दरभंगा के अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल में मौत का सबसे रहस्यमयी अध्याय: कानों में हेडफोन, सामने चलता मोबाइल, बंद कमरे में फंदे से झूलती मिली पीजी छात्रा निधि कुमारी; आख़िरी वीडियो कॉल में आखिर क्या हुआ था? किससे हो रही थी अंतिम बातचीत? मौत से पहले के उन चंद मिनटों का हर राज़ अब पुलिस की डिजिटल जांच और फॉरेंसिक पड़ताल के साए में कैद है।

विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के डब्ल्यूआईटी के समीप स्थित निजी अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल में रविवार की दोपहर घटी एक घटना ने पूरे मिथिलांचल को स्तब्ध कर दिया। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई कर रही 23 वर्षीय छात्रा निधि कुमारी अपने ही कमरे में फंदे से लटकी मिली। मधुबनी जिले के बिस्फी थाना क्षेत्र की रहने वाली निधि उच्च शिक्षा के सपनों को साकार करने के लिए दरभंगा आई थी, लेकिन किसी ने शायद यह कल्पना भी नहीं की होगी कि उसके जीवन की यात्रा इतनी दर्दनाक और रहस्यमय मोड़ पर आकर थम जाएगी. पढ़े पूरी खबर.....

दरभंगा के अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल में मौत का सबसे रहस्यमयी अध्याय: कानों में हेडफोन, सामने चलता मोबाइल, बंद कमरे में फंदे से झूलती मिली पीजी छात्रा निधि कुमारी; आख़िरी वीडियो कॉल में आखिर क्या हुआ था? किससे हो रही थी अंतिम बातचीत? मौत से पहले के उन चंद मिनटों का हर राज़ अब पुलिस की डिजिटल जांच और फॉरेंसिक पड़ताल के साए में कैद है।
दरभंगा के अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल में मौत का सबसे रहस्यमयी अध्याय: कानों में हेडफोन, सामने चलता मोबाइल, बंद कमरे में फंदे से झूलती मिली पीजी छात्रा निधि कुमारी; आख़िरी वीडियो कॉल में आखिर क्या हुआ था? किससे हो रही थी अंतिम बातचीत? मौत से पहले के उन चंद मिनटों का हर राज़ अब पुलिस की डिजिटल जांच और फॉरेंसिक पड़ताल के साए में कैद है।

दरभंगा। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के डब्ल्यूआईटी के समीप स्थित निजी अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल में रविवार की दोपहर घटी एक घटना ने पूरे मिथिलांचल को स्तब्ध कर दिया। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर (पीजी) की पढ़ाई कर रही 23 वर्षीय छात्रा निधि कुमारी अपने ही कमरे में फंदे से लटकी मिली। मधुबनी जिले के बिस्फी थाना क्षेत्र की रहने वाली निधि उच्च शिक्षा के सपनों को साकार करने के लिए दरभंगा आई थी, लेकिन किसी ने शायद यह कल्पना भी नहीं की होगी कि उसके जीवन की यात्रा इतनी दर्दनाक और रहस्यमय मोड़ पर आकर थम जाएगी।

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घटना का सबसे रहस्यमय पहलू यह है कि जब पुलिस कमरे के भीतर पहुँची, तो निधि के कानों में हेडफोन लगा हुआ था और सामने मोबाइल फोन रखा मिला। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि घटना के समय मोबाइल पर वीडियो कॉल चल रही थी। यदि यह आशंका जांच में सही साबित होती है, तो यह पूरा मामला कई नए प्रश्नों को जन्म देता है। आखिर उस कॉल में क्या बातचीत हुई थी? मोबाइल स्क्रीन के दूसरी ओर कौन था? क्या आख़िरी बातचीत किसी सामान्य संवाद का हिस्सा थी, या फिर वही बातचीत इस दुखद घटना की अंतिम कड़ी बन गई? इन सवालों के जवाब अभी जांच के दायरे में हैं।

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जानकारी के अनुसार, दोपहर के समय कमरे के भीतर से काफी देर तक कोई हलचल नहीं होने पर हॉस्टल प्रबंधन और आसपास के लोगों को संदेह हुआ। दरवाजा खटखटाया गया, आवाजें दी गईं, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई। इसी बीच पटना से डायल-112 पर भी सूचना मिलने के बाद विश्वविद्यालय थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची। बंद कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। छात्रा फंदे के सहारे लटकी हुई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने कमरे की बारीकी से जांच की और डिजिटल तथा भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित किया। मोबाइल फोन सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। पुलिस का मानना है कि मोबाइल का डेटा, कॉल रिकॉर्ड, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य इस मामले की कई महत्वपूर्ण कड़ियों को जोड़ सकते हैं।

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मकान मालिक के पिता संजय मिश्रा ने बताया कि निधि उनके बेटे के मकान में संचालित हॉस्टल में रहकर एलएनएमयू से पीजी की पढ़ाई कर रही थी। दोपहर में जब काफी देर तक कमरे से कोई हलचल नहीं हुई और दरवाजा नहीं खुला, तब पुलिस और परिजनों को सूचना दी गई। पुलिस के आने के बाद दरवाजा तोड़ा गया, जिसके बाद यह दर्दनाक दृश्य सामने आया। उधर, विश्वविद्यालय थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचने की जल्दबाजी नहीं कर रही है। मोबाइल फोन समेत सभी डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों पर स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा।

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फिलहाल, यह मामला केवल एक छात्रा की मौत भर नहीं रह गया है, बल्कि कई अनुत्तरित प्रश्नों का जाल बन चुका है। आख़िर उस वीडियो कॉल में क्या हुआ था? क्या वह सामान्य बातचीत थी या किसी तनावपूर्ण संवाद का हिस्सा? आख़िरी क्षणों में निधि के मन में क्या चल रहा था? इन सवालों का जवाब अब पुलिस की वैज्ञानिक जांच, डिजिटल साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही सामने आएगा। तब तक अन्नपूर्णा गर्ल्स हॉस्टल का वह कमरा, हेडफोन, मोबाइल स्क्रीन और बंद दरवाजा.... उस दोपहर के सबसे बड़े रहस्य के मौन गवाह बने रहेंगे।