दरभंगा में ATM बना खौफ का अड्डा: सुंदरपुर कांड पर कार्रवाई से पहले ही दूसरा हमला, चिपकने वाले पदार्थ से फंसाया कार्ड, भरोसे में लेकर भटकाया गया पीड़ित और चंद मिनटों में उड़ गए ₹2,04,000 सवालों के घेरे में पुलिस, आखिर कौन है पैसेबर फ्रॉड?

दरभंगा में अब अपराध दरवाज़े तोड़कर नहीं आता, वह चुपचाप ATM मशीन के भीतर घुसता है, और पलक झपकते ही ज़िंदगी भर की कमाई को लहूलुहान कर देता है। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के सुंदरपुर (बेला सुंदरपुर) में एटीएम फ्रॉड की घटना को लेकर पुलिस जांच और कार्रवाई की बातें अभी कागज़ों में ही थीं, पीड़ित न्याय की आस लगाए बैठे थे, और उससे पहले ही दरभंगा में ATM फ्रॉड का दूसरा, और भी भयावह कांड सामने आ गया। यह कोई इत्तेफाक नहीं। यह एक ही गिरोह की पटकथा, एक ही स्टाइल का अपराध, और एक ही सवाल छोड़ जाता है आखिर कौन है पैसेबर फ्रॉड, जो ATM को कत्लखाना बना चुका है. पढ़े पूरी खबर......

दरभंगा में ATM बना खौफ का अड्डा: सुंदरपुर कांड पर कार्रवाई से पहले ही दूसरा हमला, चिपकने वाले पदार्थ से फंसाया कार्ड, भरोसे में लेकर भटकाया गया पीड़ित और चंद मिनटों में उड़ गए ₹2,04,000 सवालों के घेरे में पुलिस, आखिर कौन है पैसेबर फ्रॉड?
दरभंगा में ATM बना खौफ का अड्डा: सुंदरपुर कांड पर कार्रवाई से पहले ही दूसरा हमला, चिपकने वाले पदार्थ से फंसाया कार्ड, भरोसे में लेकर भटकाया गया पीड़ित और चंद मिनटों में उड़ गए ₹2,04,000 सवालों के घेरे में पुलिस, आखिर कौन है पैसेबर फ्रॉड?

दरभंगा में अब अपराध दरवाज़े तोड़कर नहीं आता, वह चुपचाप ATM मशीन के भीतर घुसता है, और पलक झपकते ही ज़िंदगी भर की कमाई को लहूलुहान कर देता है। विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के सुंदरपुर (बेला सुंदरपुर) में एटीएम फ्रॉड की घटना को लेकर पुलिस जांच और कार्रवाई की बातें अभी कागज़ों में ही थीं, पीड़ित न्याय की आस लगाए बैठे थे, और उससे पहले ही दरभंगा में ATM फ्रॉड का दूसरा, और भी भयावह कांड सामने आ गया। यह कोई इत्तेफाक नहीं। यह एक ही गिरोह की पटकथा, एक ही स्टाइल का अपराध, और एक ही सवाल छोड़ जाता है आखिर कौन है पैसेबर फ्रॉड, जो ATM को कत्लखाना बना चुका है?

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पहला कांड: सुंदरपुर जहां कार्ड फंसा और भरोसा मारा गया: कुछ दिन पहले विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के कादिराबाद निवासी विमल कुमार सिंह बेला सुंदरपुर स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम से रुपये निकालने पहुंचे थे। मशीन में कार्ड डालते ही तकनीकी गड़बड़ी हुई और एटीएम कार्ड मशीन के भीतर फंस गया। घबराए पीड़ित ने एटीएम की दीवार पर लिखे एक मोबाइल नंबर पर कॉल किया यही नंबर उनके लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हुआ। उन्हें बस स्टैंड बुलाया गया, वहां कोई नहीं मिला, फोन बंद हो गया, और जब वे वापस लौटे तो कार्ड गायब था। कुछ ही देर में मोबाइल पर मैसेज आया ₹33,500 खाते से निकाल लिए गए। पुलिस पहुंची, सीसीटीवी जांच की बात हुई, लेकिन अब तक किसी गिरफ्तारी की खबर सामने नहीं आई।

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और अब दूसरा, और भी डरावना कांड: बलभद्रपुर ATM बना जाल: पहले मामले पर कार्रवाई से पहले ही दरभंगा में ATM फ्रॉड की दूसरी, कहीं अधिक खौफनाक घटना सामने आ गई। इस बार शिकार बने बहेड़ा थाना क्षेत्र के नवादा टोले रामपुर निवासी और फिलहाल लहेरियासराय थाना क्षेत्र के शाहगंज बेंता में रहने वाले स्वर्गीय हरि शरण झा के पुत्र अभय नाथ झा। तारीख: 4 जनवरी 2026 स्थान: बलभद्रपुर स्थित HDFC बैंक का एटीएम, अभय नाथ झा सुबह ATM से रुपये निकालने पहुंचे थे। लाइन में खड़े थे, तभी एक युवक आया और भावुक आवाज़ में बोला मां की तबीयत बहुत खराब है, जल्दी दवा लेनी है… आप पहले निकालने दे दीजिए। मानवता दिखाना, यही उनकी सबसे बड़ी गलती बन गई।

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चिपकने वाला पदार्थ, नंबर और दो चेहरे फ्रॉड का पूरा खेल: पुलिस जांच में जो तरीका सामने आया, वह सिहरन पैदा करने वाला है अपराधी पहले ATM मशीन में चिपकने वाला पदार्थ डाल देते हैं कार्ड डालते ही वह मशीन में फंस जाता है पहले से ATM के पास एक मोबाइल नंबर चिपका दिया जाता है बताया जाता है इस नंबर पर कॉल कर गार्ड को बुला ले.... जैसे ही अभय नाथ झा ने कॉल किया, दो युवक पहुंचे, बोले गार्ड ने ही भेजा है, क्या दिक्कत है? बातों में उलझाते हुए उन्हें ATM से कुछ दूरी पर ले जाया गया, और उसी बीच ATM कार्ड से ₹2,04,000 दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए गए। कुछ देर बाद कार्ड वापस थमा दिया गया, और तीनों अपराधी हवा में घुल गए। जब अभय नाथ झा दोबारा पैसा निकालने पहुंचे तो मोबाइल पर आया मैसेज उनके पैरों तले ज़मीन खिसकाने के लिए काफी था।

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साइबर थाना में मामला दर्ज, CCTV खंगाले जा रहे: पीड़ित ने साइबर थाना में आवेदन दिया। इस संबंध में साइबर DSP सह थानाध्यक्ष विपिन बिहारी ने बताया आवेदन पर मामला दर्ज कर लिया गया है। यह इसी तरह की दूसरी घटना है, CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं, आम नागरिकों को सतर्क रहने की सख्त जरूरत है। उन्होंने साफ चेतावनी दी एटीएम में किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें। किसी भी बैंक द्वारा हाथ से लिखा मोबाइल नंबर कभी नहीं चिपकाया जाता।

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दो घटनाएं, एक तरीका क्या एक ही गिरोह सक्रिय है: सुंदरपुर कांड और बलभद्रपुर कांड तरीका एक, स्क्रिप्ट एक, जाल एक, और शिकार आम आदमी सवाल यह है जब पहली घटना सामने आ चुकी थी, जब पुलिस जांच की बात कर रही थी, तब दूसरी घटना कैसे हो गई? क्या अपराधी सिस्टम से एक कदम आगे हैं? या सिस्टम अपराध से दो कदम पीछे?

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ATM अब सुविधा नहीं, सावधानी की परीक्षा है: दरभंगा में ATM फ्रॉड की यह दूसरी घटना, सिर्फ पैसे की चोरी नहीं, भरोसे की हत्या है। अगर अब भी एटीएम सुरक्षा नहीं बढ़ी, फर्जी नंबर नहीं हटे, और गिरोह नहीं पकड़ा गया तो अगला मैसेज किसी और के मोबाइल पर आएगा आपके खाते से पैसे निकाल लिए गए हैं। मिथिला जन-जन की आवाज इस पूरे मामले पर नजर बनाए रखेगी। सवाल पूछे जाते रहेंगे आखिर कौन है पैसेबर फ्रॉड, और कब टूटेगा यह ATM आतंक?