ओडीशा भीषण ट्रैन हादसे में दरभंगा के 3 लोगों की मौत, घायलों की संख्या बढ़ कर हुई 13, शव की पहचान के लिए रवाना हुए परिजन

उड़ीसा के बालासोर से भीषण ट्रेन हादसे में कई लोग ऐसे भी हैं। जिनपर खुदा की रहमत रही और जिंदा अपने घर लौट पाये हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी लोग रहे। जिन्हें मौत ने अपने आगेश मे लिया। रेल हादसा में दरभंगा जिला के घायलों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। साथ ही इस रेल हादसे में तीन लोगो की मौत होने की सूचना मिल रही है. पढ़े पूरी खबर.....

ओडीशा भीषण ट्रैन हादसे में दरभंगा के 3 लोगों की मौत, घायलों की संख्या बढ़ कर हुई 13, शव की पहचान के लिए रवाना हुए परिजन
ओडीशा ट्रैन हादसा। सोशल मीडिया

दरभंगा: उड़ीसा के बालासोर से भीषण ट्रेन हादसे में कई लोग ऐसे भी हैं। जिनपर खुदा की रहमत रही और जिंदा अपने घर लौट पाये हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी लोग रहे। जिन्हें मौत ने अपने आगेश मे लिया। रेल हादसा में दरभंगा जिला के घायलों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। साथ ही इस रेल हादसे में तीन लोगो की मौत होने की सूचना मिल रही है। जिनका अभी तक किसी प्रकार का कोई सुराग नही मिल पाया है। जिनमे बहादुरपुर प्रखंड के मनियारी गांव के अखिलेश, बौवे सहनी एवं अल्लपट्टी निवासी मनोज यादव शामिल है। वही मौत की सूचना मिलने पर परिवार के सदस्य उड़ीसा के लिए रवाना हो चुके है।

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वही रेल हादसे में घायल होकर लौटे बिरौल अनुमंडल के नारायणपुर गाँव के शिवेश पासवान, सुभाष पासवान और संजय महतो ने बताया की वे अपने गाँव से 9 लोगो के साथ कोरोमण्डल एक्सप्रेस के S2 कोच से चेन्नई जा रहे थे। जिसमे रामप्रकाश पासवान के पुत्र शिवेश पासवान, रामदेव पासवान के पुत्र गोविंद पासवान, विनोद पासवान के पुत्र विक्रम पासवान, राजू पासवान के पुत्र सुधीर कुमार, श्रवण पासवान के पुत्र चंदन पासवान, महेंद्र मुखिया के पुत्र सूरज मुखिया, रामकिशुन मुखिया के पुत्र बाबूसाहब मुखिया, मुसन मुखिया के पुत्र संजय मुखिया, उदेश्वर पासवान के पुत्र सुभाष पासवान शामिल है।

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उसी दौरान तेज आवाज के साथ इनकी कोच दूसरे कोच के ऊपर चढ़ गया। जिसके कारण हमलोग काफी देर तक अंदर ही फंसे रहे। जिसके बाद स्थानीय लोगों के सहयोग से S2 बोगी का शीशा तोड़ा गया और लोगो के द्वारा लाये गए सीढ़ी के सहारे नीचे उतर सके। वही उन्होंने बताया कि बोगियों टूटे हुए कांच से कई लोगो का हाथ पैर भी कट गया है। वहां पर प्राथमिक इलाज के बाद सरकारी व्यवस्था पर हम लोगों को घर पहुंचाया गया है। जिस वक्त यह हादसा हुआ उस वक्त वहां का माहौल काफी भयावह था। लोग पानी पानी चिल्ला रहे थे। स्थानीय लोगो के आने के बाद लोगो ने राहत का सांस लिया। वही दूसरी तरफ जिला के बहेड़ा थाना क्षेत्र के उफरदाहा गांव के चार युवक भी कोरोमंडल एक्सप्रेस में सवार होकर रोजी रोजगार के लिए ओडिशा से चेन्नई जा रहे थे। उसी क्रम में रेल हादसा हो गया। जिसमे चार युवक घायल हो गये। घायल में विष्णुदेव लाल देव के पुत्र संजय लालदेव, दयाराम यादव के पुत्र राकेश यादव, बतहू पासवान के पुत्र सतो पासवान एवं विक्रम पासवान एक ही साथ S1 कोच के 74 ,75 एवं 76,77 नंबर बर्थ पर यात्रा कर रहे थे। इस हादसे में इन लोगों के हाथ पैर में चोट लगी है।

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वही घायल संजय लाल देव ने बताया कि नाश्ता कर सभी लोग आराम से बैठे थे। इसी बीच शाम करीब सात बजे अचानक जोरदार धक्का और आवाज हुई और इतने में सब कुछ बिखर गया। उन्होंने कहा कि भगवान का लाख-लाख शुक्र है जो हम लोग बच गए। जिस बोगी में सवार थे उसका आधा हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया था। दुर्घटना होते ही रेलवे, स्थानीय प्रशासन एवं ग्रामीणों ने घायलों की मदद की। वही उन्होंने बताया कि इस हादसा में राकेश यादव के दोनों पांव टूट गया है। जिनका इलाज कोलकाता के पीजी अस्पताल में चल रहा है। वही बिरौल के अंचलाधिकारी बिमल कुमार कर्ण ने बताया कि सरकार के द्वारा जारी सूची में नारायणपुर गाँव के 9 लोगो के घायल होने की सूची उन्हें प्राप्त हुई है। सूचना प्राप्त होने के बाद सभी घायलों को कल रात्रि मधुबनी जिला के अररिया संग्राम से रिसीव कर उनके घर पहुंचा दिया गया है।